ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े नेता और दिल्ली नगर निगम के पूर्व पार्षद रहे हैं. फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के बाद उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया. दिल्ली दंगों के दौरान आईबी के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के दोषी ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने इन लोगों को पहले ही दोषी ठहरा दिया था, लेकिन 31 जुलाई 2026 को सजा का ऐलान किया.
ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरविंद केजरीवाल के करीबी नेताओं में भी गिना जाता था. 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले ताहिर हुसैन ने पार्टी के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर काम किया था. मुस्लिम समुदाय के बीच आम आदमी पार्टी की पहुंच बढ़ाने में भी उनकी भूमिका की चर्चा होती रही.
फरवरी 2020 में दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी. इस दौरान ताहिर हुसैन पर दंगों में शामिल होने के आरोप लगे. पुलिस ने उनके घर से हथियार और पेट्रोल बम बरामद किए जाने का दावा किया था. इसके बाद उनके खिलाफ दंगा भड़काने, हत्या और आगजनी सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया.
अंकित शर्मा के भाई अंकुर शर्मा ने कहा कि उनके भाई की बेरहमी से हत्या की गई थी. उन्होंने बताया कि बॉडी पर 55 चाकुओं के घाव थे. अंकुर ने कहा कि ताहिर हुसैन समेत सभी दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए.
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. पुलिस ने फांसी की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया.
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
अंकित शर्मा के भाई अंकुर शर्मा ने कहा कि उनके भाई की हत्या बेहद बेरहमी से की गई थी, इसलिए अदालत को इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मानते हुए ताहिर हुसैन समेत सभी दोषियों को फांसी की सजा देनी चाहिए थी.
दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के चर्चित मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की सजा पर आज फैसला आ गया. ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को सजा सुनाई गई है.
2020 के दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने कहा कि यह बेहद गंभीर घटना थी जिसने समाज को झकझोर दिया. दिल्ली पुलिस ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी.
दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के चर्चित मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की सजा पर आज फैसला आएगा. जानिए 2020 के दिल्ली दंगों से लेकर कोर्ट के दोषसिद्धि फैसले तक की पूरी कहानी.
दिल्ली पुलिस ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए तहिर हुसैन और अन्य सभी दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की है.
दिल्ली दंगों से जुड़े IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद सियासत गरमा गई है. बीजेपी ने इस फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी पर हमला बोला, जबकि AAP ने जवाब देते हुए कहा कि ताहिर हुसैन को पार्टी से काफी पहले ही निकाल दिया गया था.
दिल्ली की अदालत ने फरवरी 2020 के दंगों में मारे गए आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को दोषी करार दिया है, जबकि छह आरोपी बरी हुए हैं. फैसले पर हुसैन अदालत में रो पड़े और कहा कि इंसाफ नहीं हुआ. अंकित के भाई अंकुर ने सभी दोषियों को फांसी देने की मांग की है.
दिल्ली दंगे में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार दिए गए हैं. जानिए IPC की धारा 302, 363 और 147 में क्या प्रावधान हैं, कितनी सजा हो सकती है.
दिल्ली की अदालत ने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में फैसला सुनाया है. अदालत ने इस मामले में पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराया है. इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने की थी और 648 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी.
दिल्ली दंगा 2020 के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा का मर्डर कैसे हुआ? कैसे ताहिर हुसैन इस मामले में फंस गए? जांच में क्या सबूत मिले और कड़कड़डूमा कोर्ट ने क्या सुनाया है फैसला? जानिए 2020 से 2026 तक की पूरी टाइमलाइन.
दिल्ली के 2020 दंगा मामले में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या केस में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है. हालांकि, ताहिर हुसैन को आपराधिक साजिश के आरोप से बरी कर दिया गया. अदालत ने हत्या, अपहरण, दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने समेत कई धाराओं में दोष सिद्ध माना है. सजा पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा.
साल 2020 के दिल्ली दंगे देश की सबसे चर्चित सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में शामिल रहे. इन दंगों से जुड़े कई मामलों की सुनवाई अब भी अलग-अलग अदालतों में जारी है. इसी कड़ी में IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड का मामला भी लगातार चर्चा में रहा है, जिस पर अदालत के फैसले का इंतजार है.