एअर इंडिया ग्रुप के दो पायलट डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक उनके सैंपल को कन्फर्मेटरी टेस्ट के लिए भेजा गया है और इसकी रिपोर्ट का इंतजार है.
एअर इंडिया ग्रुप ने 13 अगस्त से अपने सभी पायलटों के लिए अनिवार्य साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट शुरू किया था. सूत्रों के मुताबिक अब तक करीब 300 से 400 पायलट यह टेस्ट दे चुके हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.
जांच के दौरान अब तक दो पायलट डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं. शुरुआती टेस्ट में किसी सब्सटेंस या केमिकल मार्कर की मौजूदगी के संकेत मिले हैं, हालांकि इसे अंतिम रिपोर्ट नहीं माना जा सकता.
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उनके सैंपल की आगे की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्होंने कोई साइकोएक्टिव सब्सटेंस लिया था, जैसा कि AI2379 के पायलट इन कमांड के मामले में हुआ था.
बता दें, एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के कैप्टन के ड्रग टेस्ट में मारिजुआना पॉजिटिव पाए जाने के बाद एअरलाइन ने अपने सभी पायलटों की ड्रग जांच कराने का फैसला किया.
पायलट का डोप टेस्ट क्या होता है?
इसमें दो तरह की जांच होती है. पहले अल्कोहल टेस्टिंग की जाती है. इसके लिए ब्रेथ एनालाइजर का इस्तेमाल होता है. पायलट इसमें सांस छोड़ता है. मशीन से पता चलता है कि शरीर में शराब है या नहीं.
वहीं, इसके बाद ड्रग टेस्टिंग की जाती है. इसमें यह देखा जाता है कि पायलट ने कोई ऐसा ड्रग या नशीला पदार्थ तो नहीं लिया है, जो उड़ान के दौरान उसकी अलर्टनेस और फैसला लेने की क्षमता पर असर डाल सकता है.
पायलट के ड्रग टेस्ट में यूरिन सैंपल लिया जाता है. यदि इसमें किसी साइकोएक्टिव सब्सटेंस के होने का संकेत मिलता है, तो रिजल्ट को पॉजिटिव माना जाता है. ऐसे में कन्फर्मेशन होने तक पायलट को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया जाता है.