
एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 हादसे की जांच को लेकर बोइंग के व्हिसलब्लोअर एड पियर्सन ने गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने भारत की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी AAIB से विमान से जुड़े अहम डेटा को सार्वजनिक करने की मांग की है. पियर्सन के मुताबिक, विमान के ACARS और AHM डेटा में हादसे से पहले हुई घटनाओं और सिस्टम से जुड़ी अहम जानकारी मौजूद है.
एड पियर्सन ने AAIB से सवाल किया है कि अभी तक ACARS और AHM डेटा को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया है. उनका कहना है कि इन डेटा स्ट्रीम्स में विमान के सिस्टम में हुई संभावित गड़बड़ियों के साथ-साथ अलग-अलग घटनाओं के सटीक समय की जानकारी भी मिल सकती है. उनके मुताबिक, यह डेटा VT-ANB विमान के साथ हादसे से पहले क्या हुआ, इसे समझने में अहम हो सकता है.
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एविएशन इंडस्ट्री को समय रहते अलर्ट करने की जरूरत
पियर्सन ने यह भी सवाल उठाया कि AI 171 की जांच के आधार पर अब तक दुनियाभर की एविएशन कम्युनिटी के लिए कोई अंतरिम सुरक्षा सिफारिश या चेतावनी क्यों जारी नहीं की गई. उनका कहना है कि जांच के दौरान अगर किसी संभावित खतरे से जुड़ी जानकारी सामने आई है, तो उसे लेकर एविएशन इंडस्ट्री को समय रहते अलर्ट किया जाना चाहिए.
एविएशन सेफ्टी फाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पियर्सन ने जांच में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि AAIB एक पायलट की संभावित जिम्मेदारी की तरफ इशारा कर रहा है, लेकिन उपलब्ध तथ्यों को सार्वजनिक करने या संभावित सुरक्षा खतरों को लेकर चेतावनी देने की जरूरत महसूस नहीं कर रहा.
ब्रिटिश एजेंसी ने भारतीय जांच एजेंसी को दिया था डेटा
पियर्सन ने यह भी सवाल किया है कि उनके द्वारा AAIB को दिए गए दस्तावेज और सबूतों की जांच में शामिल क्यों नहीं किए गए. उनके मुताबिक, ये दस्तावेज UK-AAIB के जरिए भारतीय जांच एजेंसी तक पहुंचाए गए थे.

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पियर्सन की इन टिप्पणियों से AI 171 हादसे की जांच में डेटा और सबूतों को सार्वजनिक करने को लेकर पारदर्शिता का सवाल एक बार फिर सामने आया है. खास तौर पर ACARS और AHM डेटा को लेकर उनकी मांग जांच के दौरान मौजूद तकनीकी जानकारी के इस्तेमाल और सार्वजनिक किए जाने के तरीके पर सवाल खड़े करती है.