धर्मेंद्र प्रधान संसद से जब निकले, मुस्कराते हुए निकले. धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए.
शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान का राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसदों ने जोरदार स्वागत किया. सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान को मिथिला का पाग पहनाया और इसके बाद उनको अंदर ले गए.
लोकसभा में हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने एंटी पेपर लीक बिल पेश किया. यह बिल पेश होने के बाद आपत्ति के लिए एक घंटे का समय दिया.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर जानबूझकर चर्चा शुरू नहीं होने देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है. इस पर चर्चा होनी चाहिए.
लोकसभा में विपक्ष के सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही पहले 12, फिर 2, फिर 5 बजे तक स्थगित कर दी गई. पांच बजे भी सदन में जोरदार हंगामा जारी रहा, जिसके बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का गुस्सा देखने को मिला. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम चर्चा से भाग नहीं रहे हैं. लेकिन इससे पहले छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर गृह मंत्री का बयान सदन में होना चाहिए.
संसद भवन परिसर में विपक्षी सांसदों ने हाथों बैनर-पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया. कांग्रेस महासचिव और केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी के साथ ही विपक्षी दलों के वरिष्ठ सांसद भी इस प्रोटेस्ट में शामिल हुए.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख राहुल गांधी भी प्रदर्शन के दौरान साथ-साथ नजर आए.
संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे की भेंट मॉनसून सत्र के दूसरे हफ्ते का पहला दिन भी चढ़ गया. हंगामे के कारण बार-बार स्थगित किए जाने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा चेयर ने कर दी.
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