महाराष्ट्र के पुणे में गणेश उत्सव के दौरान डीजे और साउंड सिस्टम को लेकर पुणे नगर निगम ने एक बैठक की थी. गणेश पूजा से जुड़ी अलग-अलग कमेटियों के साथ बैठक में पुणे के आईटी प्रोफेशनल विद्यानंद बापट ने इस पर आपत्ति जताई थी. गणेश पूजा से जुड़ी कमेटियों ने विद्यानंद बापट को तब बैठक से बाहर जाने के लिए कह दिया था.
अब विद्यानंद बापट पर हमले का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक विद्यानंद बापट पर पुणे के तिलक रोड स्थित काशाले चौक के पास हमला हुआ. जिस समय हमला हुआ, उस समय विद्यानंद बापट त्योहार के दौरान तेज आवाज वाले डीजे और साउंड सिस्टम को लेकर आम लोगों की राय जुटा रहे थे.
इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया. मामूली कहासुनी मारपीट में बदल गई. इस घटना को लेकर आरोप गणेश पूजा से जुड़ी एक कमेटी से संबंधित लोगों पर लगा है. पुलिस ने घटना की तहकीकात शुरू कर दी है. गौरतलब है कि नगर निगम की बैठक में विद्यानंद बापट ने तेज आवाज वाले डीजे और साउंड सिस्टम पर आपत्ति जताई थी.
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इसके बाद गणेश पूजा से जुड़े लोगों ने उनको बाहर जाने के लिए कह दिया था. बैठक से बाहर आने के बाद विद्यानंद बापट ने कहा था कि यह मुद्दा सिर्फ ध्वनि प्रदूषण तक सीमित नहीं है. इससे बड़े स्तर पर यातायात भी प्रभावित होता है. इससे बुर्जुर्गों और अन्य आम नागरिकों को भी परेशानी होती है.
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पुणे में इसके बाद जागरूक नागरिकों ने रैली भी निकाली थी और त्योहारों के दौरान अधिक शोर को लेकर चिंता जताई थी. इस प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कई सदस्य भी शामिल हुए थे. पुणे बीजेपी के शहर अध्यक्ष धीरज घाटे, विधायक हेमंत रासने और मेयर मंजूषा नागपुरे ने गणेश पूजा से जुड़े लोगों की राय का समर्थन करते हुए उम्मीद जताई थी कि त्योहार परंपरा में कोई रुकावट नहीं आएगी.