आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोड़े की आत्महत्या के मामले में एक नया और बेहद अहम मोड़ आ गया है. 'आज तक' के हाथ परीक्षा केंद्र का सीसीटीवी फुटेज लगा है, जो घटना वाले दिन की पूरी इनसाइड स्टोरी बयां कर रहा है.
सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि परीक्षा हॉल में बैठकर साहिल अपने मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था. आरोप है कि, साहिल मोबाइल फोन से प्रश्न पत्र को आर्टिफिशिअल इंटेलिजेंस टूल 'चैट जीपीटी' पर अपलोड करने की कोशिश कर रहा था.
प्रोफेसर ने पकड़ा, फिर हॉल से ले गए बाहर
आरोप है कि जब साहिल अपने फोन पर चैट जीपीटी के जरिए पेपर सॉल्व या अपलोड कर रहा था, उसी दौरान परीक्षा हॉल में ड्यूटी पर तैनात प्रोफेसर सूर्य नारायण डूला की नजर उस पर पड़ गई. प्रोफेसर तुरंत साहिल के पास पहुंचे और उसका मोबाइल देखने के बाद उसे अपनी सीट से उठने को कहा. फुटेज के अंतिम हिस्से में देखा जा सकता है कि प्रोफेसर डूला छात्र साहिल को परीक्षा हॉल से बाहर ले जा रहे हैं.
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गौरतलब है कि इस घटना के कुछ ही समय बाद साहिल का शव उसके कमरे में मिला था. इस मामले में पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसानेऔर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी है.
साहिल के परिजनों का आरोप
जहां एक तरफ संस्थान प्रशासन का कहना था कि छात्र को सिर्फ परीक्षा में फोन इस्तेमाल करने पर नॉर्मल काउंसिलिंग और नियमों की जानकारी दी गई थी, वहीं साहिल के परिवार और प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि हॉल से बाहर ले जाने के बाद साहिल के साथ गंभीर उत्पीड़न, अपमान और जातिगत भेदभाव किया गया, जिससे आहत होकर उसने इतना आत्मघाती कदम उठाया. अब इस सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां कड़ियों को जोड़ने में जुट गई हैं.
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दावा है कि, साहिल पर परीक्षा के दौरान सवालों को चैटजीपीटी पर अपलोड कर उनके जवाब हासिल करने की कोशिश करने का आरोप था. जिस परीक्षा में यह कथित घटना हुई, उसमें प्रोफेसर डूला इनविजिलेटर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. घटना के बाद साहिल के परिवार ने प्रोफेसर डूला पर जातिगत टिप्पणी करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और धमकी देने समेत कई गंभीर आरोप लगाए. परिवार की शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया और एससी/एसटी एक्ट के तहत भी धाराएं लगाईं.