महाराष्ट्र में खाने के तेल की गुणवत्ता और बिक्री को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्ती बढ़ा दी है. एफडीए ने तेल बनाने से लेकर बेचने तक सभी कारोबारियों के लिए नए नियम जारी किए हैं. महाराष्ट्र FDA प्रमुख तुकाराम मुंढे ने कहा कि लोगों की सेहत से जुड़े मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मुंढे ने बताया कि जांच के दौरान कई जगह तेल में मिलावट, बिना लाइसेंस कारोबार और पुराने तेल को नए तेल के नाम पर बेचने जैसी गड़बड़ियां सामने आई हैं. अब ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी. खाद्य तेल सीधे लोगों के रोजाना के खान-पान से जुड़ा है और इसकी सुरक्षा को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड अभिनेताओं को 'विमल इलायची' के सरोगेट विज्ञापनों को लेकर भेजे गए नोटिस पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनकी ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है.
तेल में मिलावट से लेकर गलत लेबलिंग तक की शिकायतें
FDA की जांच में कुछ जगहों पर बिना वैध लाइसेंस के कारोबार, गलत श्रेणी के लाइसेंस के तहत काम करने, घोषित तेल में सस्ता और दूसरे प्रकार का तेल मिलाने और मानकों के अनुरूप नहीं होने वाले तेल की बिक्री जैसी गड़बड़ियां सामने आईं.
इसके अलावा सरसों के तेल में अनधिकृत तरीके से दूसरे तेल मिलाने, तेल के असली स्रोत और पैकिंग की तारीख छिपाने के लिए दोबारा लेबल लगाने तथा एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके तेल को दोबारा पैक करने के मामले भी सामने आए हैं. खाद्य तेल के लिए गैर-खाद्य-ग्रेड पैकेजिंग के इस्तेमाल पर भी विभाग ने आपत्ति जताई है.
पुराने डिब्बों में तेल भरने पर कार्रवाई
FDA ने उन कंटेनरों के दोबारा इस्तेमाल पर भी रोक लगाई है, जिनमें पहले खनिज तेल, लुब्रिकेंट, पेंट या अन्य रसायन रखे गए हों. अधिकारियों के मुताबिक ऐसे डिब्बों से खाद्य तेल में धातु या रासायनिक पदार्थों के मिल जाने का खतरा रहता है. जंग लगे, टूटे या खराब तरीके से टिन किए गए बर्तनों में खाद्य तेल रखना भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. एक बार इस्तेमाल के लिए बने टिन के डिब्बों को दोबारा खाद्य पैकेजिंग में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.
बार-बार गर्म किए गए तेल पर भी नजर
अधिकारी तुकाराम मुंढे ने कहा कि कई होटल और अन्य प्रतिष्ठान इस्तेमाल किए हुए तेल को दोबारा इस्तेमाल करने के साथ-साथ उसे नए तेल के रूप में बेचने की कोशिश करते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे रैकेट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. बार-बार गर्म किए गए तेल में हानिकारक तत्व बढ़ सकते हैं.
आदेश के मुताबिक, ऐसे तेल में टोटल पोलर कंपाउंड (TPC) की मात्रा 25 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. नए तेल में TPC की मात्रा 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए. इस्तेमाल किए गए तेल को अधिकृत RUCO कलेक्टरों को देना होगा और उसे किसी भी स्थिति में दोबारा खाद्य श्रृंखला में शामिल नहीं किया जा सकेगा.
उल्लंघन पर 10 लाख रुपये तक जुर्माना
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. असुरक्षित खाद्य पदार्थ के मामले में 10 लाख रुपये तक जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है. घटिया तेल पर 5 लाख रुपये तक, गलत लेबल वाले तेल पर 3 लाख रुपये तक और मिलावट करने वाले पदार्थ रखने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. बिना वैध लाइसेंस कारोबार करने और भ्रामक विज्ञापन देने पर भी 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबित या रद्द भी किया जा सकता है.
तुकाराम मुंढे ने कहा कि खाद्य तेल कंपनियों की ओर से विटामिन और प्राकृतिक पोषक तत्वों को लेकर किए जा रहे दावों की भी जांच की जाएगी. यदि ऐसे दावे विज्ञापन कानून का उल्लंघन करते पाए गए तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
FDA ने लोगों से खुले में बिकने वाला खाद्य तेल नहीं खरीदने की अपील की है. विभाग ने कहा कि हमेशा सीलबंद पैक वाला तेल खरीदें और लेबल, बैच नंबर, पैकिंग की तारीख और 'बेस्ट बिफोर' तारीख जरूर जांचें.