महाराष्ट्र के पुणे संभाग में खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों और रेस्टोरेंट मालिकों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने एक विशेष अभियान के तहत पुणे संभाग के 21 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं. इसके साथ ही बड़े पैमाने पर छापेमारी करते हुए लगभग 50.65 लाख रुपये की कीमत की खाद्य सामग्री भी जब्त की है.
यह पूरी कार्रवाई महाराष्ट्र सरकार के विशेष अभियान 'सुरक्षित खाद्य, सुरक्षित औषधि, सुरक्षित महाराष्ट्र'के तहत की गई है. एफडीए की टीमों ने 23 जुलाई से 29 जुलाई के बीच पूरे पुणे संभाग में ताबड़तोड़ निरीक्षण किए. इस जांच के दौरान अधिकारियों को कई जगहों पर गंभीर कमियां मिलीं. कई दुकानें और रेस्टोरेंट बिना साफ-सफाई के चल रहे थे. कुछ जगहों पर खाना बनाने और रखने के तरीकों में गड़बड़ी थी. वहीं कुछ के पास वैध लाइसेंस नहीं थे. कुछ स्थानों पर सामान को गलत तरीके से स्टोर किया गया था और उनके पैकेट पर जरूरी लेबलिंग गायब थीं.
होटल लक्ष्मण, ब्लिंकिट सहित कई आउलेट पर कार्रवाई
एफडीए की इस कार्रवाई की चपेट में पुणे, सतारा और कोल्हापुर के कई नामी गिरामी प्रतिष्ठान आए हैं। पुणे शहर में जिन प्रमुख प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई है, इनमें विमान नगर में स्थित ब्लिंकिट कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड, *प्रभात रोड का मशहूर होटल लक्ष्मण, मुंधवा का पंजाबी शेफ और माधव बिरयानी, भवानी पेठ का मदीना फैमिली रेस्टोरेंट, सिंहगढ़ रोड पर स्थित हिना बेकरी, नर्हे इलाके की इंडियन बेकरी शामिल हैं.
इसके अलावा सतारा और कोल्हापुर जिलों में भी कई खाद्य दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं.
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मिलावट का शक, ₹50.65 लाख का माल जब्त
जांच के दौरान सिर्फ लाइसेंस निलंबित ही नहीं किए गए, बल्कि 12 अलग-अलग प्रतिष्ठानों से भारी मात्रा में खाद्य सामग्री भी जब्त की गई है. अधिकारियों को शक है कि इनमें से कई चीजें मिलावटी हैं या उन्हें बहुत ही गंदे और असुरक्षित माहौल में रखा गया था.
जब्त किए गए सामानों की सूची में आम जनता के रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें शामिल हैं. घी, गुड़, भैंस का दूध, दही, पनीर, रिफाइंड पाम ऑयल और सूखी मेवा जब्त किया गया है. इसके अलावा चाय-नाश्ते और त्योहारों में काम आने वाले सामान जैसे कि चकली, फरसाण, बिस्कुट, टोस्ट, सोन पपड़ी, मलाई कुल्फी और चीनी की परत वाली मिठाइयां भी भारी मात्रा में जब्त की गई हैं. अधिकारियों ने विशेष रूप से सफेद चीनी और रिफाइंड पाम ऑयल में भारी मिलावट होने की आशंका जताई है.
एफडीए का कहना है कि जब्त किए गए सारे स्टॉक को फिलहाल सरकारी कस्टडी में सुरक्षित रखवा दिया गया है. इन सभी खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उन्हें लेबोरेटरी (प्रयोगशाला) में जांच के लिए भेजा गया है. लैब से टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद, रिपोर्ट के आधार पर इन सभी दुकानदारों और कंपनियों के खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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पुणे संभाग के एफडीए संयुक्त आयुक्त डी. वी. भोगावड़े ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जो भी प्रतिष्ठान बिना वैध लाइसेंस के चलते पाए जाएंगे या खाद्य सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन करेंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. नियमों को ताक पर रखने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि जनता की सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके.