मुंबई में SRA (Slum Rehabilitation Authority) के PAP (Project Affected Person) फ्लैट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. शिकायतकर्ता आकाश राधेश्याम सोनी की शिकायत पर पुलिस ने लगभग 5.57 करोड़ रुपये की कथित ठगी के आरोप में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2017 में शिकायतकर्ता और उनके कारोबारी साझेदार रियल एस्टेट का व्यवसाय कर रहे थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात शैलेश काकण और शैलेश के सहयोगी से हुई, जिन्होंने SRA के PAP फ्लैट उपलब्ध कराने का दावा किया. आरोप है कि आरोपियों ने खुद को SRA अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से जुड़ा होने का भरोसा दिलाया और मुंबई के अंधेरी, सांताक्रूज, बांद्रा, कांदिवली और माटुंगा समेत कई इलाकों में PAP फ्लैट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया. फ्लैट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये लिए गए.
आरोपियों ने अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 15 लाख से 28 लाख रुपये तक की दर बताई. इसके बाद शिकायतकर्ता और उनकी कंपनी के माध्यम से करीब 47 ग्राहकों से रकम एकत्र की गई. विभिन्न ग्राहकों से ली गई कुल राशि 5,57,50,000 रुपये तक पहुंच गई. शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने टोकन राशि और बाद में किस्तों के रूप में लगातार भुगतान लिया. इनमें चेक और RTGS के जरिए किए गए कई लेन-देन का भी उल्लेख किया गया है.
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने SRA के लेटरहेड पर कथित आवंटन पत्र, आदेश की प्रतियां, कलेक्टर के पत्र, सक्षम प्राधिकारी के पत्र, सोसायटी NOC, लाइट बिल और अन्य सरकारी दस्तावेज उपलब्ध कराए. बाद में जब शिकायतकर्ता ने SRA कार्यालय में इन दस्तावेजों की जांच कराई तो उन्हें बताया गया कि ये दस्तावेज कथित रूप से फर्जी हैं और सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते.
SRA अधिकारियों से मुलाकात के बाद हुआ खुलासा
2024 में शिकायतकर्ता ने SRA के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी. जांच के दौरान कथित तौर पर यह सामने आया कि प्रस्तुत किए गए दस्तावेज वास्तविक नहीं थे. इसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
FIR में मुख्य आरोपी के रूप में शैलेश काकण, रूपेश वेलेंकर, अभिषेक गुजर, विश्वनाथ जाधव सहित कई अन्य लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सभी ने मिलकर सुनियोजित तरीके से PAP फ्लैट दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की.
विश्वनाथ जाधव, जो पहले शिवसेना UBT के एक MLC का पर्सनल सेक्रेटरी था, उसने 25 लाख रुपये के एवज में घर दिलाने का आश्वासन दिया था. वह फिलहाल एक वर्तमान सांसद का पर्सनल सेक्रेटरी है. विश्वनाथ जाधव के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों की प्रामाणिकता और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है.