महाराष्ट्र के रायगढ़ में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने 40 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में CGST के एडिशनल कमिश्नर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में CGST के एडिशनल कमिश्नर और IRS अधिकारी विनय कुमार कन्हेटी, रायगढ़ के CGST सुपरिंटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और निजी व्यक्ति नरेंद्र राजपूत शामिल हैं. तीनों की गिरफ्तारी 27 अगस्त 2026 को की गई. CBI ने इस मामले में 26 अगस्त 2026 को केस दर्ज किया था. मामला एक पत्थर खनन कंपनी से जुड़े GST और रॉयल्टी विवाद को निपटाने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप से जुड़ा है. आरोप है कि CGST के सुपरिंटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा ने शिकायतकर्ता से मामला निपटाने के बदले 1.50 करोड़ रुपये की अनुचित रकम मांगी थी.
बाद में बातचीत के बाद रिश्वत की रकम घटाकर 40 लाख रुपये कर दी गई. आरोप है कि सरकारी कर्मचारियों ने रिश्वत की रकम लेने के लिए एक निजी व्यक्ति को माध्यम बनाया और शिकायतकर्ता को उसके जरिए रकम देने के लिए कहा गया. शिकायत मिलने के बाद CBI ने जाल बिछाया. कार्रवाई के दौरान निजी व्यक्ति नरेंद्र राजपूत को 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया. इसके बाद पूछताछ और कार्रवाई के दौरान CGST के सुपरिंटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कन्हेटी की भूमिका भी सामने आई.
GST और रॉयल्टी मामले को निपटाने के लिए मांगी रिश्वत
CBI के मुताबिक, रिश्वत की रकम स्वीकार किए जाने की बात बाद में CGST के सुपरिंटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कन्हेटी ने भी मानी. इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपियों से जुड़े परिसरों की तलाशी भी ली. तलाशी के दौरान 43 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई. इसके अलावा करीब 90 लाख रुपये की कीमत की ज्वेलरी भी मिली.
CBI की कार्रवाई में रिश्वत के 40 लाख रुपये के अलावा तलाशी के दौरान मिली नकदी और ज्वेलरी भी जांच का हिस्सा है. एजेंसी मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है. CBI ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. अब उन्हें सक्षम अदालत के सामने पेश किया जा रहा है. मामले में आगे की जांच जारी है.
CBI के मुताबिक, पूरा मामला शिकायतकर्ता की पत्थर खनन फर्म से जुड़े GST और रॉयल्टी मामले को निपटाने के लिए कथित तौर पर मांगी गई रिश्वत से जुड़ा है. पहले 1.50 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, जिसे बातचीत के बाद 40 लाख रुपये कर दिया गया. इसके बाद रिश्वत की रकम एक निजी व्यक्ति के जरिए लेने की व्यवस्था की गई.
तीनों आरोपियों को सक्षम अदालत में पेश किया गया
CBI ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान निजी व्यक्ति को 40 लाख रुपये लेते पकड़ा. इसके बाद CGST के दोनों अधिकारियों को भी मामले में गिरफ्तार किया गया. आरोपियों के परिसरों की तलाशी में 43 लाख रुपये नकद और करीब 90 लाख रुपये की ज्वेलरी बरामद हुई है. मामले में आगे की जांच जारी है.