झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन में सियासत भी जारी है. वहीं राज्य सरकार के मंत्रियों और विपक्षी BJP के नेताओं के बीच बयानबाजी का सिलसिला भी कायम है. मंत्री इरफान अंसारी ने बीजेपी को अल्टीमेटम दे दिया है तो वहीं बीजेपी नेता निशिकांत दुबे ने भी JMM नेताओं पर पलटवार किया हैय
इरफान अंसारी ने बीजेपी पर छात्रों को भड़काने और राजनीति करने का आरोप लगाया है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'छात्रों में उबाल है और बीजेपी ने सीएम आवास का घेराव करने का नाटक किया है. युवा हमारे हैं, बच्चे हमारे हैं. हम लगातार छात्रों से वार्ता कर रहे हैं. जब सरकार गंभीर है और मांगें मानने को तैयार है, तो बीजेपी बीच में कहां से आ गई?'
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'झारखंड आदिवासियों और मूलवासियों का है, बीजेपी का नहीं. ये किसी के बाप की जागीर नहीं है, इसलिए तमाशा मत करो और हमारे बच्चों को मत भड़काओ. बीजेपी ने अभी मेरी अच्छाई देखी है, कड़ा रुख नहीं देखा. मैं मुख्यमंत्री से कहूंगा कि इस पर कड़ा एक्शन लें.'
'बीजेपी पीछे से वार कर रही'
इरफान अंसारी ने छात्रों से किसी के बहकावे में न आने की अपील की और कहा कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपना रही है. उन्होंने कहा, 'हमलोग छात्र के साथ है, बीजेपी पीछे से वार कर रही है. BJP अपनी हद में रहे, वरना हमसे बुरा कोई नहीं होगा.'
बीजेपी सांसद ने किया पलटवार
वहीं बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने झारखंड सरकार के आरोपों पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा, 'क्या इसका मतलब ये है कि हर चीज के पीछे बीजेपी का ही हाथ है? जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ था, तो हमने कभी नहीं कहा कि इसके पीछे कांग्रेस या आम आदमी पार्टी का हाथ है.'
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निशिकांत दुबे ने कहा कि बीजेपी छात्रों के इस आंदोलन का पूरा समर्थन करती है और JPSC में हुई गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग पर कायम है. उन्होंने आगे कहा, 'आज एक इस्तीफा भी हुआ है. मैं पहले से कह रहा था कि JPSC के सदस्य जेएमएम के कार्यकर्ता थे और कांग्रेस से जुड़े थे. कांग्रेस, जेएमएम और आरजेडी की सरकार ने झारखंड के छात्रों के साथ सरासर नाइंसाफी की है.'