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जम्मू-कश्मीर: 'पोलियो मुक्त पाकिस्तान' पैम्फलेट पर बवाल, नपेंगे अधिकारी!

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में 'पोलियो मुक्त पाकिस्तान' का पैम्फलेट मिला है. इस मामले को लेकर जांच की जा रही है और अधिकारियों ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से एक दिन के भीतर लिखित जवाब मांगा है. पैम्फलेट पर पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र का लोगो था, जिसका स्वास्थ्य विभाग से कोई लेना-देना नहीं है.

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इस मामले में अधिकारियों से एक दिन में जवाब मांगा गया है. (Photo- Representational)
इस मामले में अधिकारियों से एक दिन में जवाब मांगा गया है. (Photo- Representational)

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में 'पोलियो मुक्त पाकिस्तान' वाला पैम्फलेट मिलने का मामला गहरा गया है. अधिकारियों ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से इस मामले में तुरंत सफाई मांगी है. राजौरी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने कंडी क्षेत्र के ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी से एक दिन के भीतर इस पर लिखित जवाब तलब किया है.

जानकारी के मुताबिक सघन पल्स पोलियो प्रतिरक्षण (IPPI) कार्यक्रम 2026 से जुड़ा एक विज्ञापन सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों पर शेयर किया गया था. इस विज्ञापन को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे इसे कंडी बीएमओ कार्यालय की ओर से जारी किया गया हो.

जब इस पैम्फलेट की जांच की गई, तो पता चला कि इस पर पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र का लोगो लगा हुआ था. साथ ही इस पर 'पोलियो मुक्त पाकिस्तान' का नारा भी छपा था. 

पैम्फलेट पर लिखा मिला बीएमओ का नाम 

पैम्फलेट पर छपे लोगो और नारे का जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग या केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के किसी भी कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं है. इस पैम्फलेट पर संबंधित बीएमओ का नाम और पद भी लिखा हुआ था.

राजौरी के सीएमओ ने इस लोगो और नारे को पहली नजर में पूरी तरह भ्रामक माना है. उन्होंने कहा कि इससे सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा हो सकता है. इस पैम्फलेट को सोशल मीडिया पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर अयूब लोन ने प्रसारित किया था. स्थानीय अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. उनका कहना है कि इससे विभाग की बदनामी हो सकती है और जनता के भरोसे को ठेस पहुंच सकती है.

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एक दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

CMO ने BMO को निर्देश दिया है कि वो एक दिन के भीतर इस मामले की रिपोर्ट और लिखित में सफाई पेश करें. उन्हें ये बताना होगा कि क्या ये पैम्फलेट उनकी इजाजत से तैयार या प्रसारित किया गया था?

इसके अलावा, उनसे उन अधिकारियों या एजेंसियों की पहचान करने के लिए भी कहा गया है जो इस पैम्फलेट को डिजाइन करने, छापने और फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं. बीएमओ को ये भी बताना होगा कि किसके अधिकार से इस लोगो और कंटेंट को शामिल किया गया था.

यह भी पढ़ें: पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक का जवाब तालिबान क्या गोरिल्ला युद्ध से देगा? युद्ध छिड़ने के करीब

कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर से भी जवाब तलब

इस मामले में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर से भी जवाब मांगा गया है कि उन्होंने इसे आगे शेयर क्यों होने दिया. सीएमओ ने सख्त आदेश दिया है कि भविष्य में बिना वेरिफिकेशन और मंजूरी के किसी भी कार्यालय के नाम पर कोई भी विज्ञापन, पोस्टर या पैम्फलेट सोशल मीडिया पर जारी नहीं किया जाएगा.

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