पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के करीब एक साल बाद कश्मीर घाटी में आतंकियों ने फिर हमला किया है. बुधवार को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को बड़ी चोट दी थी. साथ ही भारत ने चेतावनी दी थी कि अब भारत में आतंकी हमला होता है तो उसे "एक्ट ऑफ वॉर" माना जाएगा.
हमलावर ने अनंतनाग में उन्हें बेहद करीब से निशाना बनाया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. आशिक हुसैन कुरैशी भारतीय रिजर्व पुलिस में तैनात थे और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के साथ जुड़े हुए थे. वह अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं. उस समय अमरनाथ यात्रा खराब मौसम के कारण अस्थायी रूप से स्थगित थी.
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जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई आतंकी संगठनों को लॉजिस्टिक, आर्थिक, संचार, परिवहन और ठिकाने जैसी मदद देने वाले नेटवर्क की पहचान करने के लिए की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इसका मकसद संभावित आतंकी गतिविधियों को रोकना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है.
मनोज सिन्हा ने दोषियों को सख्त सजा देने की बात कही
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि पूरा देश शहीद जवान के परिवार के साथ खड़ा है और सुरक्षा बल हमलावरों को जल्द न्याय के कटघरे तक पहुंचाएंगे.
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी ने कायराना आतंकी हमले में सर्वोच्च बलिदान दिया है. वहीं पुलिस ने मीडिया से अपील की है कि जांच प्रभावित होने से बचाने के लिए घटना से जुड़े फोटो और वीडियो प्रसारित न किए जाएं.
पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुआ था आतंकी हमला
पहलगाम आतंकी हमले को पूरा एक साल बीत चुका है, जब पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने बैसरन घाटी में निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया था. इस दर्दनाक हादसे में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद पूरे देश में सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए. हमलावरों ने कथित रूप से वहां मौजूद लोगों से उनका धर्म पूछकर उनपर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं, जिसने घाटी समेत पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था.
भारत ने इस आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में बड़े हवाई हमले किए. पाकिस्तान के कई एयरबेस को तबाह कर दिया गया. इतना ही नहीं आतंकियों पर चोट करते हुए भारतीय सेना ने जबरदस्त मिसाइलें दागी थीं. भारत ने साथ ही पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अब अगर आतंकी हमला होता है तो उसे "एक्ट ऑफ वॉर" माना जाएगा.