आजतक/इंडिया टुडे की एक्सक्लूसिव खबर का बड़ा असर हुआ है. मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने 235 पदों पर जारी अपनी भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है. प्रोविजनल रिजल्ट आने के बाद अभ्यर्थियों की ओर से मिली शिकायतों और आपत्तियों को देखते हुए MMRDA ने ये कदम उठाया है.
इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है. इस तीन सदस्यीय समिति की अध्यक्षता महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव जॉनी जोसेफ करेंगे. उनके अलावा IIT बॉम्बे के प्रोफेसर श्यामप्रसाद कारगाडे और प्रोफेसर दस्का सत्यनारायण मूर्ति को समिति का सदस्य बनाया गया है.
समिति में शामिल प्रोफेसरों के पास JEE एडवांस, GATE और JAM जैसी देश की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराने का लंबा एक्सपीरियंस है.
अभ्यर्थियों के पास शिकायत दर्ज कराने के लिए 30 दिन
MMRDA ने अभ्यर्थियों को अपनी आपत्तियां और सबूत जमा करने के लिए 30 दिनों का समय दिया है. उम्मीदवार अपनी शिकायतें और संबंधित दस्तावेज ईमेल आईडी vacancymmrda@mailmmrda.maharashtra.gov.in पर भेज सकते हैं.
इसके साथ ही MMRDA ने परीक्षा आयोजित कराने वाली सरकारी मान्यता प्राप्त एजेंसी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से भी पूरे मामले पर सफाई मांगी है.
TCS ने कराई थी ऑनलाइन परीक्षा
महाराष्ट्र सरकार के तय नियमों के तहत 235 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी. इसके लिए कुल 26,749 उम्मीदवारों ने ऑनलाइन आवेदन किया था. टीसीएस की ओर से आयोजित इस ऑनलाइन परीक्षा में 20,459 अभ्यर्थी शामिल हुए थे.
रिजल्ट जारी होने के बाद से ही उम्मीदवारों ने गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए ईमेल के जरिए शिकायतें भेजी थीं.
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समिति की रिपोर्ट आने तक पूरी प्रक्रिया स्थगित
MMRDA ने साफ किया है कि जब तक ये उच्च स्तरीय समिति अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट नहीं सौंप देती, तब तक भर्ती प्रक्रिया में आगे की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. समिति की अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर ही प्राधिकरण आगे का फैसला लेगा.