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अमित शाह पर विवादित वीडियो का मामला: लद्दाख पुलिस ने दर्ज की 'जीरो FIR'

गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित कमेंट करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्यूएंसर योगेश परमार के खिलाफ लद्दाख पुलिस ने जीरो FIR दर्ज कर ली है. केस कर्नाटक पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है.

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अमित शाह पर विवादित कमेंट करने वाले इन्फ्यूएंसर के खिलाफ लद्दाख पुलिस ने जीरो FIR दर्ज की. (फाइल फोटो-PTI)
अमित शाह पर विवादित कमेंट करने वाले इन्फ्यूएंसर के खिलाफ लद्दाख पुलिस ने जीरो FIR दर्ज की. (फाइल फोटो-PTI)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में लद्दाख पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. शनिवार को अधिकारियों ने जानकारी दी कि एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ 'जीरो FIR' दर्ज कर ली गई है.

दरअसल, यह पूरा मामला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर योगेश परमार से जुड़ा है. आरोप है कि परमार ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें देश के गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, नफरत भरी और भड़काऊ बातें कही गई थीं.

अधिकारियों के मुताबिक, लेह पुलिस स्टेशन में एक शिकायतकर्ता ने लिखित अर्जी दाखिल की थी. शिकायत में कहा गया था कि फेसबुक लिंक के जरिए फैलाए जा रहे इस वीडियो में गृह मंत्री के खिलाफ जिन शब्दों का इस्तेमाल हुआ है, वे बेहद अपमानजनक हैं.

शिकायतकर्ता का यह भी कहना था कि इस वीडियो का मकसद जनता के बीच असंतोष फैलाना, माहौल खराब करना और देश में शांति-आपसी सौहार्द को बिगाड़ना है. पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद माना कि यह मामला एक गंभीर अपराध  बनता है.

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शिकायत के आधार पर लद्दाख पुलिस ने योगेश परमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 197(1)(d), धारा 352 और धारा 353(1) में मुकदमा कायम किया है. कानूनी एक्सपटर्स के मुताबिक, इन धाराओं में दोष साबित होने पर आरोपी को 2 से 3 साल तक की जेल की सजा, भारी जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.

क्या होती है 'जीरो एफआईआर' और केस क्यों हुआ ट्रांसफर?
इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि घटना की जगह और क्षेत्राधिकार लद्दाख का नहीं था. कानून के मुताबिक, अगर कोई अपराध किसी दूसरे क्षेत्र में होता है, तो भी पीड़ित किसी भी नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा सकता है. ऐसे मामलों में पुलिस बिना नंबर के एफआईआर दर्ज करती है, जिसे 'जीरो एफआईआर' कहा जाता है.

जांच अधिकारियों ने बताया कि इस कथित घटना का अधिकार क्षेत्र कर्नाटक के मैसूर शहर स्थित देवराजा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है. इसीलिए लेह पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जीरो एफआईआर दर्ज की और आगे की निष्पक्ष जांच और कानूनी कदम उठाने के लिए मामला संबंधित मैसूरु पुलिस को सौंप दिया है. अब मैसूरु पुलिस इस मामले में आगे की पूछताछ और कार्रवाई करेगी.

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