गुजरात में भावनगर के पालिताणा सरकारी अस्पताल में 2.55 लाख लीटर क्षमता वाली भूमिगत पानी की टंकी का काम मौके पर हुआ ही नहीं था. फिर भी इसके लिए 50.43 लाख रुपए का बिल मंजूरी के लिए पेश किए जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने पूरे मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके तहत दो इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है.
स्वास्थ्य मंत्री ने 13 दिन पहले पालिताणा सरकारी अस्पताल का दौरा किया था, तब अस्पताल के लिए मंजूर की गई भूमिगत पानी की टंकी मौके पर नहीं मिली थी. जांच में पता चला कि टंकी का काम न होने के बावजूद लाखों का बिल मुख्य कार्यालय में मंजूरी के लिए पेश किया गया था.
मामला संज्ञान में आते ही मंत्री ने तुरंत वीडियो कॉन्फ्रेंस की और पालिताणा अस्पताल और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) के संबंधित अधिकारियों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली. बिल पेश करने की प्रक्रिया में जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे.
दो इंजीनियर पर गिरी गाज
बिल पेश करने वाले प्रभारी कार्यकारी इंजीनियर मेहुल दवे और डिप्टी कार्यकारी इंजीनियर एन.वी. कालिया के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, काम में लापरवाही के लिए दोनों के खिलाफ सस्पेंशन या टर्मिनेशन की कार्रवाई करने का भी आदेश दिया गया है.
इस मामले में शामिल सूरत की धर्मनंदन कंस्ट्रक्शन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. संबंधित अधिकारियों से कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है. स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवंटित सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य-संबंधी विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है. स्वास्थ्य विभाग कड़ी निगरानी रखेगा ताकि स्वीकृत कार्य समय पर पूरे हों और गुणवत्ता के मानकों का पालन हो.
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ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
फिलहाल, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज करने, उन्हें सस्पेंड या टर्मिनेट करने और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.