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Gujarat Weather: गुजरात में 76% कम बारिश, गर्मी का सितम जारी, मॉनसून पर आया ये नया अपडेट

Al Nino impact on Gujarat Weather: अल नीनो के असर से मॉनसून प्रभावित हो रहा है. गुजरात में जून महीने में अब तक औसत से 76 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों की खरीफ फसल पर असर पड़ने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में मॉनसून आने में अभी 3 से 5 दिन और लग सकते हैं.

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गुजरात में अभी आधिकारिक तौर पर मॉनसून की शुरुआत नहीं हुई है- (फाइल फोटो-PTI)
गुजरात में अभी आधिकारिक तौर पर मॉनसून की शुरुआत नहीं हुई है- (फाइल फोटो-PTI)

इस बार अल नीनो के असर से गुजरात में अभी तक मॉनसून की औपचारिक शुरुआत नहीं हुई है. मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, जून महीने में अब तक औसत से 76 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. राज्य में मॉनसून आने के लिए अभी 3 से 5 दिन और इंतजार करना पड़ सकता है.

अहमदाबाद मौसम विभाग के डायरेक्टर अशोक कुमार दास ने बताया कि उत्तर गुजरात से सौराष्ट्र होते हुए पश्चिम मध्य अरब सागर तक एक ट्रफ (निम्न दबाव की रेखा) बनी हुई है. इसी वजह से गुजरात के कई इलाकों में हल्की से सामान्य बारिश हो रही है. लेकिन पूरे राज्य में आधिकारिक मॉनसून घोषित होने के लिए अभी कुछ दिन और लग सकते हैं.

तापमान में कोई खास राहत नहीं
राज्य में अभी भी गर्मी का सितम जारी है. बीते दिन अहमदाबाद में सबसे ज्यादा तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री ज्यादा है. राजकोट और सुरेन्द्रनगर में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा. मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक हफ्ते तक तापमान में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है.

गुजरात के किन इलाकों में बारिश की उम्मीद?
मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है. IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 23 जून को राजकोट, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, बोटाद, सूरत, तापी, नवसारी, वलसाड, डांग, दमन, दादरा और नगर हवेली में बारिश का अनुमान है.

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जबकि 24 और 25 जून को गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, सूरत, तापी, नवसारी, वलसाड, डांग, दमन, दादरा और नगर हवेली में बारिश जारी रहने की संभावना है.

औसत से कम बारिश
1 जून से 22 जून तक गुजरात में औसतन 59.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक सिर्फ 14.5 मिलीमीटर ही बारिश हुई है. यानी 76 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है. अगर अगले कुछ दिनों में भी मॉनसून नहीं आया तो जून महीने में कुल बारिश की कमी और बढ़ सकती है. किसान इस समय मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं. कम बारिश से खरीफ फसल की बुवाई प्रभावित हो सकती है. 
 

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