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बिना पिलर, जर्जर दीवार और खंडहर हाल... 'मौत की इमारत' की बराबर वाली बिल्डिंग टूटेगी?

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को हुई इमारत दुर्घटना में 7 लोगों की मौत हो चुकी है. इस इमारत के बराबर वाली बिल्डिंग का हाल भी बेहद खराब है. इसकी दीवारें टूटी और जर्जर हाल में नजर आईं. ऐसे में सवाल ये है कि क्या हादसे से सबक लेते हुए इस इमारत को डिमोलिश किया जाएगा.

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सत्य निकेतन में दूसरी इमारतों का हाल भी जर्जर है. (Photo- ITGD)
सत्य निकेतन में दूसरी इमारतों का हाल भी जर्जर है. (Photo- ITGD)

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को हुए इमारत हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. जिस बहुमंजिला इमारत के ढहने से ये हादसा हुआ, उसके ठीक बगल में मौजूद इमारत की हालत भी बेहद जर्जर और खतरनाक बनी हुई है. ऐसे में सवाल ये है कि क्या अब इस इमारत को गिराया जाएगा? 

6 सितंबर को अचानक इमारत गिरने के बाद ही प्रशासन ने उसके बगल वाली इस बिल्डिंग को भी खाली करा दिया था. बिना पिलर, टूटी दीवारों और खंडहर जैसी स्थिति में खड़ी इस इमारत पर अब बुलडोजर चलने जा रहा है.

पुलिस बल के साथ कई टीमें सत्य निकेतन की इस इमारत को गिराने के लिए मौके पर पहुंच गई है. इमारत को गिराने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. CM रेखा गुप्ता ने जमींदोज हुई इमारत के आसपास की जर्जर पड़ी सभी इमारतों को बुधवार को डिमोलिश करने का आदेश भी जारी कर दिया है.

MCD कमिश्नर संजीव खिरवार ने सोमवार को बताया था कि हादसे के प्रभाव से पास वाली ये इमारत काफी कमजोर और खतरनाक हो चुकी है. उन्होंने कहा था कि अगले 1 से 2 दिनों में इस तरीके से डिमोलिश किया जाएगा.

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आस-पास के पीजी और इमारतों का निरीक्षण

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राहत, बचाव और सुरक्षा उपायों की कमान खुद संभाल रखी है. इमारत हादसे के बाद पूरी दिल्ली में पांच मंजिल वाली इमारतों को तत्काल प्रभाव से सील करने के आदेश दिए गए हैं. इसके अलावा सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में संचालित हो रहे PG और इमारतों की जांच की जा रही है. सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली किसी भी इमारत को तुरंत सील करने का फरमान जारी हुआ है.

दिल्ली भर के पीजी और संस्थानों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट

छात्रों और आम जनता की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूरे शहर में पीजी के स्ट्रक्चरल ऑडिट के आदेश दिए हैं. खासतौर पर छात्रों के प्रमुख गढ़ माने जाने वाले इलाकों- मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर, लक्ष्मी नगर, साकेत और सत्य निकेतन पर प्रशासन की खास नजर रहेगी.

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