scorecardresearch
 

तिहाड़ की जेल नंबर 4 में रांका, जेल नंबर 2 में सौरव दास... पटियाला हाउस में कोर्ट में जमानत याचिका दायर

कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल में पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में रखा है. दोनों को अलग-अलग जेलों में रखा गया है. वहीं, अजिंक्य शिंदे को शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया है.

Advertisement
X
पटियाला हाउस कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की जा रही है (Photo: ITG)
पटियाला हाउस कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की जा रही है (Photo: ITG)

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल में अलग-अलग रखा गया है. जानकारी के मुताबिक, सौरव दास को जेल नंबर 2 में रखा गया है जबकि आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में रखा गया है. दोनों को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है. 

अब, कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल की जा रही है. बता दें, SEM कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका ने प्रथम दृष्टया शांति बनाए रखने के बॉन्ड का उल्लंघन किया और पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया. इससे शांति भंग होने की आशंका जताई गई. इसके साथ ही, आदेश में कहा गया कि जांच की प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. साथ ही, आदेश में इस बात का भी उल्लेख है कि कोई जमानतदार इस दौरान वहां उपलब्ध नहीं था. 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे समेत पार्टी के कुल 14 सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे थे. पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किए जाने के बाद ये लोग एक निजी परिसर से होकर वहां पहुंचे थे. खास बात तो ये है कि जंतर-मंतर को हाल ही में प्रदर्शन स्थल की सूची से डिनोटिफाई किया गया है. ऐसे में पुलिस ने इन लोगों को रोकने की कोशिश की लेकिन इन लोगों ने पुलिस के काम में बाधा उत्पन्न की. जिसके बाद पुलिस ने सभी 14 लोगों को हिरासत में लिया. 

Advertisement

दो FIR दर्ज की गई
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं. पहली FIR नंबर 289/26, कनॉट प्लेस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223(a), 332 और 61(2) के तहत दर्ज की गई. वहीं, दूसरी FIR नंबर 128/26 संसद मार्ग थाने में BNS की धारा 221, 115(2), 132, 121(1) और 3(5) के तहत दर्ज की गई. दोनों FIR 13 अक्टूबर 2026 को दर्ज हुईं. पुलिस ने बताया कि सभी 14 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई. 

क्यों हुई गिरफ्तारी?
पुलिस के मुताबिक, बार-बार कानून का उल्लंघन करने और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई. पुलिस का आरोप है कि ये लोग सोशल मीडिया के जरिए दूसरों को भी इस तरह की गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे थे. बुधवार को तीनों को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM)कोर्ट में पेश किया गया. 

यह भी पढ़ें: Delhi Anti-CEC Protest Live: CJP को राहुल गांधी का साथ, रांका-सौरभ की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई. सौरव दास, आशुतोष रांका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है. वहीं, अजिंक्य शिंदे को पांच हजार का बॉन्ड भरवाकर रिहा कर दिया गया. अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति बनाए रखने और अच्छा व्यवहार करने की शर्त पर रिहाई मिली है. जबकि सौरव दास और आशुतोष रांका को रिपीट ऑफेन्डर बताया गया. 

Advertisement

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा
सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने बयान जारी किया है. दिल्ली पुलिस ने बताया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' के सदस्य एक निजी जगह से होते हुए जंतर-मंतर पहुंचे थे. पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को उनकी ड्यूटी करने से रोका, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया. 

दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement