वजन घटाने वाली दवाओं को खाने वाले लोगों को बाल झड़ने की समस्या हो रही है. डॉक्टरों का कहना है कि पिछले एक साल में यह ट्रेंड काफी आम हो गया है. ओज़ेम्पिक जैसी GLP-1 वेट लॉस दवाएं लेने के बाद बहुत बाल झड़ने की शिकायत देखी जा रही है. कई मरीजों का कहना है कि बाल धोते या कंघी करते समय बालों के गुच्छे के गुच्छे झड़ रहे हैं. वेट लॉस वाली दवाओं से बाल झड़ने के इस साइड इफेक्ट को एक्सपर्ट्स ने' ओज़ेम्पिक हेयर' का नाम दिया है.
मेदांता अस्पताल के डर्मेटोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. रमनजीत सिंह ने कहा कि ओज़ेम्पिक हेयर' का बढ़ता ट्रेंड न सिर्फ़ तेज़ी से वज़न कम करने से जुड़े जोखिमों को दिखाता है, बल्कि बिना सही मेडिकल जांच के इन दवाओं के इस्तेमाल से होने वाले खतरों को भी उजागर करता है. बीते कुछ सालों से देखा जा रहा है कि लोग डॉक्टर की सलाह के बिना ही इन दवाओं को यूज कर रहे हैं. इस वजह से साइइ इफेक्ट हो रहे हैं.
दस में से सात लोगों को बाल झड़ने की समस्या
(PMC) में प्रकाशित एक स्टडी में पाया गया कि असल ज़िंदगी में GLP-1 का इस्तेमाल करने वाले लगभग दस में से सात लोगों ने किसी न किसी हद तक बाल झड़ने की बात कही है. इससे पहले के अंतरराष्ट्रीय अनुमानों में यह आंकड़ा 25% से 33% के बीच बताया गया था.
डॉ सिंह का कहना है कि मरीज़ अक्सर तकियों, बाथरूम के फ़र्श और हेयरब्रश पर बहुत ज़्यादा बाल गिरने की शिकायत करते हैं, जबकि कई लोगों को सिर की त्वचा पर बाल कम होने और बालों की मांग चौड़ी होने का एहसास होता है. हालांकि यह स्थिति आम तौर पर कुछ समय के लिए होती है और इसे ठीक किया जा सकता है, लेकिन अचानक बाल झड़ने से काफ़ी मानसिक परेशानी और चिंता हो सकती है, खासकर महिलाओं और युवाओं में ज्यादा देखी जा रही है.
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वजन घटाने वाली दवाओं से बाल कैसे झड़ रहे हैं
नई दिल्ली में सीनियर डर्मेटोलॉजिस्ट, हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन, डॉ. गौरव गर्ग के मुताबिक, दवा खाने से सीधे तौर पर बाल झड़ने की समस्या नहीं हो रही है. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि दवाओं से लोगों का वजन तेजी से कम हो रहा है. उनमें पोषण की कमी देखी जा रही है और इससे शरीर में मेटाबोलिक शॉक हो रहा है. डॉ. गर्ग कहते हैं कि ओज़ेम्पिक आपके बालों का दुश्मन नहीं है, लेकिन इसके कारण हो रहा कुपोषण बालों को नुकसान कर रहा है.
डॉ गर्ग कहते हैं कि ओज़ेम्पिक हेयर कोई मेडिकल रूप से मान्यता प्राप्त बीमारी नहीं है, बल्कि यह टेलोजन एफ्लुवियम' का ही एक नाम है. टेलोजन एफ्लुवियम मानसिक तनाव के कारण होने वाले बालों के झड़ने की एक अस्थायी स्थिति है. तेज़ी से वज़न कम होने से शरीर पर तनाव पड़ता है, जिससे बड़ी संख्या में बालों की जड़ें समय से पहले ही 'रेस्टिंग फेज़' में चली जाती हैं. इससे बाल झड़ने की समस्या हो जाती है.
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लोगों में जागरूकता की कमी
डॉ गर्ग कहते हैं कि वेट लॉस वाली दवाओं के बारे में लोगों में जागरूकता की कमी है. उनको लगता है कि बिना कुछ मेहनत किए दवा खाने से वजन घट जाएगा. लेकिन इन दवाओं की एक तय भूमिका है, लेकिन कॉस्मेटिक मक़सद से इनका बढ़ता इस्तेमाल, कुछ जगहों पर बिना डॉक्टर की सलाह के इनकी उपलब्धता और बिना देखरेख के इनका सेवन ऐसी परेशानियां पैदा कर रहा है जिनसे बचा जा सकता है. लेकिन बिना सही मेडिकल सलाह के तेज़ी से वज़न घटाने की कीमत आपको चुकानी पड़ सकती है.