साइबर ठगी का एक सबसे खतरनाक स्कैम है, जिसमें विक्टिम को बड़ी ही चालाकी से शिकार बनाया जाता है. इसमें विक्टिम को पता ही नहीं चलता है कि उसके बैंक खाते से पैसे कट रहे हैं. ये e-SIM Swap स्कैम है. (Photo: Unsplash)
e-SIM स्कैम के तहत यूजर्स के स्मार्टफोन में मौजूद सिम को डिएक्टिवेट कर दिया जाता है. इसके बाद हैकर्स या स्कैमर्स अपने फोन में eSIM का सेटअप कर लेता है. (Photo: Unsplash)
सिम को टेकओवर करने के बाद स्कैमर्स वन टाइम पासवर्ड (OTP) आदि को एक्सेस कर लेते हैं. इसके बाद बैंक खाते से रुपये ट्रांसफर होते रहते हैं और विक्टिम को पता भी नहीं चलता है.(Photo: Unsplash)
साइबर ठग ऐसे केस में विक्टिम को बड़ी ही चालाकी से शिकार बनाते हैं. पहले वह विक्टिम के कस्टमर एग्जीक्यूटिव बनकर कॉल करते हैं. इसके बाद वे विक्टिम को झांसे में लेते हैं और सिम को हैक कर लेते हैं. (Photo: Unsplash)
इसके बाद वह 24 घंटे सर्विस बंद होने तक का हवाला देते हैं, क्योंकि सिम कन्वर्जन पर शुरुआती 24 घंटे के दौरान OTP सर्विस बंद रहती है. (Photo: Unsplash)
मैसेज की सर्विस शुरू होते ही बैंक खाते से ट्रांसफर शुरू कर देते हैं. बीते साल नोएडा की एक महिला भी e-SIM स्कैम का शिकार हो चुकी है. (Photo: Unsplash)
स्मार्टफोन में e SIM का सेटअप करना बहुत ही आसान है. एंड्रॉयड यूजर्स को QR code स्कैन करना होता है. (Photo: Unsplash)
स्मार्टफोन में e SIM का सेटअप करना बहुत ही आसान है. एंड्रॉयड यूजर्स को QR code स्कैन करना होता है. (Photo: Unsplash)
e SIM Swapping के तहत स्कैमर्स आपसे OTP और अन्य डिटेल्स हासिल करके eSIM एक्टिवेट करा लेते हैं. बचाव के लिए जरूरी कि ओटीपी, आधार कार्ड, ईमेल आईडी और पासवर्ड आदि को अनजान शख्स के साथ शेयर ना करें. (Photo: Unsplahs)