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जैम खाते हैं तो सावधान! हार्ट अटैक से लेकर ब्रेन स्ट्रोक तक का खतरा, ये है कारण

हालिया रिसर्च में पाया गया है कि जैम और च्युइंग गम खाने से हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और मौत का खतरा 57% तक बढ़ा देता है. जैम और च्युइंग गम खाने से दिल की बीमारियां होने का क्या कारण है इस बारे में भी बताया गया है.

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जैम में मौजूद ये स्वीटनर सेहत के लिए खतरा
जैम में मौजूद ये स्वीटनर सेहत के लिए खतरा

जैम, च्युइंग गम खाने से हार्ट अटैक से लेकर ब्रेन स्ट्रोक और मौत तक का खतरा हो सकता है. 17,710 लोगों पर हुई स्टडी के बाद ये जानकारी सामने आई है. इसके नतीजे म्यूनिख में यूरोपियन सोसाइटी ऑफ़ कार्डियोलॉजी (ESC) के सालाना सम्मेलन में पेश किए गए है, जो दुनिया का सबसे बड़ा हार्ट कॉन्फ़्रेंस है.

इस रिसर्च के बाद ये सवाल मन में जरूरी आ रहा होगा कि जैम या च्युइंग गम हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण कैसे बन सकते हैं? इसको समझने के लिए आपको ज़ाइलिटोल के बारे में जानना होगा. ज़ाइलिटोल नाम का एक स्वीटनर मिलाया जाता है. ये आम चीनी के मुकाबले कम कैलोरी वाला होता है. लेकिन अगर ये किसी चीज में ज्यादा मात्रा में है तो सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.जाइलिटोल स्वीटनर का इस्तेमाल मीठे प्रोडक्ट्स में किया जाता है. प्रोडक्ट्स में इसको अलग- अलग मात्रा में डाला जाता है. 

रिसर्चर्स ने 17,710 लोगों पर स्टडी की और खून में ज़ाइलिटोलका लेवल सबसे ज्यादा होने वाले 25% लोगों की तुलना सबसे कम लेवल वाले लोगों से की थी. जिन लोगों में ज़ाइलिटोल की मात्रा सबसे ज़्यादा थी, उनमें कम मात्रा वाले लोगों की तुलना में अगले छह सालों में मौत, हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा 57% ज़्यादा था. रिसर्च से ये भी पता चल कि खून में जितना ज्यादा जाइलिटोल था हार्ट अटैक से लेकर स्ट्रोक तक का रिस्क उतना ही अधिक था.

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आर्टिफिशियल स्वीटनर सेहत पर असर डालते हैं 

जाइलिटोल को जैम, च्युइंग गम में मिलाया जाता है. यह एक शुगर अल्कोहल है जो स्वाद में बिल्कुल चीनी जैसा होता है, लेकिन इसमें कैलोरी बहुत कम होती है.जैम और च्युइंग गम में इसे इसलिए मिलाया जाता है क्योंकि ये आम चीनी की तरह यह मुंह के बैक्टीरिया को बढ़ावा नहीं देता. मुंह के बैक्टीरिया जाइलिटोल को पचा नहीं पाते, जिससे उनकी संख्या कम हो जाती है और दांतों में कैविटी नहीं होती है, लेकिन अगर इन प्रोडक्ट्स में जाइलिटोल को बहुत ज्यादा मिलाय जाता है तो सेहत को खतरा हो सकता है. 

ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन की सीनियर डाइटीशियन डेल स्टैनफ़ोर्ड ने कहा कि दिल की सेहत से जुड़े जोखिम समय के साथ बढ़ते हैं, और यह पक्का करना जरूरी है कि खाने-पीने की चीजों में मिलाई जाने वाली चीज़ें इसमें कोई भूमिका न निभाएं. ज़ाइलीटोल जैसे आर्टिफिशियल स्वीटनर कई तरह के खाने-पीने के सामान में पाए जाते हैं, लोग अक्सर इन्हें ज़्यादा सेहतमंद विकल्प मानकर, बिना सोचे-समझे जरूरत से ज़्यादा इनका सेवन कर लेते हैं, यह स्टडी इस बात के बढ़ते सबूतों में एक और कड़ी जोड़ती है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर हमारी सेहत पर असर डाल सकते हैं.

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क्या जाइलिटोल सीधे हार्ट अटैक कराता है?

द गार्जियन कि रिपोर्ट के मुताबिक, जाइलिटोल सीधे तौर पर हार्ट अटैक नहीं लाता है. चूंकि ये एक ऑबजर्वेशन स्टडी है तो  सीधा कारण-प्रभाव तय करना मुश्किल होता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप बहुत ज्यादा आर्टिफिशियल स्वीटनर खा सकते हैं. 

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