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Diwali 2026: कब है दिवाली? धनतेरस से भाई दूज तक नोट करें तारीखें

Diwali 2026: इस साल दिवाली कब है? जानें धनतेरस, छोटी दिवाली, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की पूरी तारीखें और लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त.

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इस साल दिवाली कब है?  (Photo: Getty Image)
इस साल दिवाली कब है? (Photo: Getty Image)

Diwali 2026: दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई और तैयारियां शुरू हो जाती हैं. रोशनी और खुशियों से जुड़े इस पांच दिवसीय पर्व में धनतेरस से लेकर भाई दूज तक अलग-अलग त्योहार मनाए जाते हैं.  ऐसे में अगर आप अभी से दिवाली की तैयारी कर रहे हैं तो धनतेरस, छोटी दिवाली, मुख्य दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की तारीख जरूर नोट कर लें. 

साल 2026 में दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी. इस दिन शाम को लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है. दिल्ली के पंचांग के अनुसार लक्ष्मी पूजा का मुख्य शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक रहेगा.  अलग-अलग शहरों में पूजा के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है. 

6 नवंबर को धनतेरस

दिवाली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत धनतेरस से होगी. साल 2026 में धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने की कथा जुड़ी है.  धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है.  इस दिन सोना-चांदी, बर्तन और अन्य सामान खरीदना भी शुभ माना जाता है. दिल्ली में धनतेरस पूजा का समय शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक बताया गया है. 

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7 नवंबर को छोटी दिवाली

धनतेरस के अगले दिन 7 नवंबर, शनिवार को छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी.  इस दिन घर की साफ-सफाई करने और दीप जलाने की परंपरा है. कई जगहों पर इसे काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है. 

8 नवंबर को मनाई जाएगी दिवाली

मुख्य दिवाली 8 नवंबर, रविवार को होगी. इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. 

दिल्ली के पंचांग के अनुसार लक्ष्मी पूजा का मुख्य मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक है. इस दौरान वृषभ काल भी रहेगा.अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह करीब 11:27 बजे शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर करीब 12:31 बजे तक रहेगी.

10 नवंबर को गोवर्धन पूजा

दिवाली के बाद 10 नवंबर, मंगलवार को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा से यह पर्व जुड़ा है.  कई जगहों पर इस दिन अन्नकूट सजाकर भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है. 

11 नवंबर को भाई दूज

पांच दिवसीय दीपावली पर्व का समापन 11 नवंबर, बुधवार को भाई दूज से होगा. इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है. इस दिन बहनें भाइयों को तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं. भाई भी बहनों को उपहार देते हैं. 

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दिवाली 2026 का पूरा कैलेंडर

6 नवंबर: धनतेरस
7 नवंबर: छोटी दिवाली/नरक चतुर्दशी
8 नवंबर: दिवाली और लक्ष्मी-गणेश पूजा
10 नवंबर: गोवर्धन पूजा/अन्नकूट
11 नवंबर: भाई दूज/यम द्वितीया

पूजा का समय शहर के अनुसार बदल सकता है

दिवाली और धनतेरस के पूजा मुहूर्त में स्थान के अनुसार कुछ मिनट का अंतर हो सकता है. इसलिए पूजा से पहले अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा. 

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