बारिश के इस मौसम में देश के कुछ इलाकों में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं.अधिकतर लोगों में डेंगू का बुखार कुछ दिनों में ठीक हो जाता है. कुछ मामलों में लक्षण गंभीर भी हो सकते हैं. डॉक्टर बताते हैं कि डेंगू में बुखार उतरने के बाद भी खतरा हो सकता है. ऐसे में सेहत पर लगातार ध्यान रखने की जरूरत होती है. इससे स्थिति बिगड़ने से पहले रिस्क कम किया जा सकता है.
डॉक्टरों के मुताबिक, डेंगू में एक बात मरीज और परिवार वालों को खास तौर पर समझनी चाहिए कि बुखार कम होना हमेशा बीमारी खत्म होने का संकेत नहीं होता है. कई बार जब तापमान नीचे आने लगता है, उसी दौरान मरीज की हालत बिगड़नी शुरू हो सकती है. आमतौर पर बीमारी के तीसरे से सातवें दिन के बीच ऐसा देखा जाता है. इस समय शरीर से तरल बाहर निकलने के कारण रक्तचाप कम हो सकता है और कुछ मरीजों में गंभीर स्थिति बन सकती है.
डेंगू में बुखार उतरने के बाद इन लक्षणों पर दें ध्यान
यशोदा मेडिसिटी हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन विभाग में प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. विजय अरोड़ा बताते हैं कि अगर किसी मरीज की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और कुछ दिनों बाद उसका बुखार उतर रहा है तो इस दौरान भी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है. कुछ लक्षणों पर विशेष तौर पर ध्यान देने की जरूरत होती है. अगर किसी व्यक्ति को पेट में तेज दर्द हो, बार-बार उल्टी हो रही हो, नाक या मसूड़ों से खून आए, उल्टी या मल में खून दिखाई दे, बहुत ज्यादा कमजोरी या बेचैनी हो, सांस लेने में दिक्कत हो या पेशाब कम हो जाए, तो घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए. ऐसे लक्षणों में तुरंत अस्पताल ले जाना बेहतर है.
प्लेटलेट की संख्या कितनी होनी चाहिए
डॉ. विजय बताते हैं कि एक और बात जो अक्सर देखने को मिलती है, वह है प्लेटलेट की संख्या को लेकर घबराहट. डेंगू की गंभीरता केवल प्लेटलेट से तय नहीं होती. मरीज का ब्लड प्रेशर, पेशाब, खून की दूसरी जांच और उसकी पूरी स्थिति भी देखनी पड़ती है. बुखार उतरने के बाद अगले एक-दो दिन विशेष सावधानी रखने की जरूरत होती है. प्लेटलेट्स के मामले में ये है कि इनकी संख्या 40 से 50 हजार से अधिक रहनी चाहिए. इससे कम होती है तो फिर प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ सकती है.
डेंगू से बचाव कैसे करें