गाड़ी को लॉक करने के बाद बार- बार ये सोचते हैं कि लॉक किया है या नहीं, घर में कोई सामान रखकर भूल जाते हैं कि कहां रखा है, तो इस सबको हल्के में बिलकुल न लें. ऐसा अगर लगातार हो रहा है तो ये दिमागी बीमारी के कारण हो सकता है. इस बीमारी को मेडिकल की भाषा मे ब्रेन फॉग कहते हैं.
ब्रेन फॉग उन लक्षणों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है जिनसे दिमाग के सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ता है. यह साफ-साफ सोचने, फोकस करने, ध्यान लगाने, याद रखने और किसी चीज पर ध्यान देने की आपकी क्षमता को प्रभावित करने लगता है. जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, ये लक्षण आपके दिमाग को धुंधला कर देते हैं और रोजमर्रा के काम करना मुश्किल बना देते हैं. इससे किसी से लंबी बातचीत करने में शब्द याद आना, कुछ चीजें याद न रखना, कोई काम करने के बाद कन्फ्यूज रहना जैसे लक्षण दिखते हैं. जैसे गाड़ी का लॉक लगाने के बाद बार- बार सोचते हैं लॉग लगा दिया था या नहीं, घर से निकलने के बाद कन्फ्यूजन में रहते हैं कि AC या पंखा बंद किया था नहीं, अगर इस तरह की समस्याएं होने लगती है. लगातार ऐसा होना ब्रेन फॉग का कारण हो सकता है.
ब्रेन फॉग किस वजह से होता है?
इस बारे में दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में न्यूरोसर्जरी विभाग के पूर्व एचओडी डॉ. दलजीत सिंह ने बताया है. वह कहते हैं कि ब्रेन फॉग कई कारणों से होता है. इनमें डायबिटीज और ब्लड शुगर का कम लेवल, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं जैसे एंग्जायटी या डिप्रेशन,न्यूरोडायवर्जेंट स्थितियां जैसे ADHD और ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, हार्मोनल बदलाव, जैसे प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज के दौरान, शरीर में खराब पोषण और मानसिक तनाव बड़ी वजह है. जिन लोगों में इनमें से कुछ स्थितियां लंबे समय तक बनी रहती है उनको ब्रेन फॉग होने का रिस्क होता है.
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ब्रेन फॉग की बीमारी कैसे खत्म करें ?
ब्रेन फॉग के लिए कोई खास इलाज उपलब्ध नहीं है. डॉक्टर सबसे पहले आपके इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कुछ सुझाव दे सकते हैं, जैसे अच्छी नींद के लिए अपनी सोने की आदतों में सुधार करें.हेल्दी और पौष्टिक खाना खाएं.हर दिन 30 मिनट तक फिजिकल एक्टिविटी करें. दिमाग पर ज़्यादा ज़ोर पड़ने से बचाने के लिए दिन भर में छोटे-छोटे ब्रेक (लगभग 30 मिनट के) लेना. डॉक्टर की सलाह पर कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी जैसी साइकोथेरेपी में हिस्सा ले सकते हैं. अगर इन तरीकों से से ब्रेन फॉग ठीक नहीं होता है, तो नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) जैसी दवाओं से खास लक्षणों का इलाज कर सकते हैं.
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ब्रेन फॉग कितने समय तक रहता है?
ब्रेन फॉग कितने समय तक रहेगा, इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है, आप इसे कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक महसूस कर सकते हैं. लेकिन कुछ मामलों में यह महीनों या सालों तक भी रह सकता है. अगर ब्रेन फॉग आपकी ज़िंदगी की क्वालिटी पर बुरा असर डाल रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क करें
क्या ब्रेन फॉग को रोका जा सकता है?
ब्रेन फॉग को पूरी तरह से होने से नहीं रोक सकते, लेकिन आप अपनी मानसिक और शारीरिक सेहत को बेहतर बनाने के लिए कदम उठा सकते हैं ताकि इसके लक्षणों के परेशान करने वाले होने का जोखिम कम हो सके.