नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ की वजह से 17,000 बच्चे प्रभावित हुए हैं. ये जानकारी बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था UNICEF ने दी है. नेपाल में UNICEF की प्रतिनिधि एलिस अकुंगा ने कहा है कि रसुवा और धादिंग में बच्चों के देखते ही देखते उनके घर, स्कूल और अस्पताल तबाह हो गए. ऐसे बच्चों की मदद के लिए नेपाल की सरकार, यूनिसेफ जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रही है.
इसी बीच सोशल मीडिया पर रोते-बिलखते बच्चों के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. कोई इन्हें शेयर कर इन्हें इनके माता-पिता से मिलाने की अपील कर रहा है तो कोई इन्हें इमोशनल म्यूजिक और रोने वाले इमोजी के साथ पोस्ट कर रहा है. लेकिन जब हमने जांच की तो पता लगा कि इनमें से कई वीडियो पुराने हैं और दूसरे देशों के हैं. वहीं, कई वीडियो एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने हैं. इस स्टोरी में हम ऐसे ही चार वीडियो की बात करेंगे.
बिलखती हुई ये बच्चियां असली नहीं
किसी सड़क पर बहते मटमैले पानी के बीच एक खंबे को पकड़कर खड़ी बिलखती हुई बच्ची का ये वीडियो कई लोग नेपाल बाढ़ का बताकर पोस्ट कर रहे हैं. कई कंटेंट क्रिएटर भी इसे ये कहते हुए शेयर करने की अपील कर रहे हैं कि हो सकता है इस बच्ची का परिवार मिल जाए.
इसी तरह, किसी वीरान सड़क पर रोती हुई एक दूसरी बच्ची का वीडियो भी वायरल हो रहा है. इस सड़क पर इमारतों का मलबा और टूटे खंबे पड़े हैं. बच्ची के चेहरे और कपड़ों पर मिट्टी लगी है.
सच्चाई- दोनों ही वीडियो एआई-जेनरेटेड हैं. पहले वीडियो में जब लकड़ियों का गट्ठर और पाइप बहते हुए बच्ची के पास आते हैं, तब उसके बालों का कुछ हिस्सा गायब हो जाता है. हाइव मॉडरेशन नाम के एआई डिटेक्शन टूल ने भी इस वीडियो के एआई से बने होने की 99.3 प्रतिशत संभावना बताई.
दूसरे वीडियो में कई जगहों पर बच्ची के चेहरे के किनारे धुंधले हो जाते हैं. हाइव मॉडरेशन टूल ने इसके एआई से बने होने की 96.8 प्रतिशत संभावना जताई.

मिट्टी में सने बच्चे का वीडियो भी पुराना निकला
गीली मिट्टी वाली किसी जगह पर मौजूद दो बच्चों का ये वीडियो भी नेपाल बाढ़ का बताकर खूब शेयर हो रहा है. इसमें एक काफी छोटा बच्चा बैठा है जिसके शरीर पर मिट्टी लगी है. उसके पीछे एक और बच्चा लेटा हुआ है. बच्चों के सामने एक बर्तन उल्टा पड़ा है.
सच्चाई- वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से ये हमें '@Lýyênnhiên-f4b' नाम के वियतनामी भाषा के एक यूट्यूब चैनल पर मिला. बायो सेक्शन में दी गई जानकारी के मुताबिक, ये Lý yên nhiên नाम की एक 20 वर्षीय महिला का चैनल है. यहां वायरल वीडियो 2 अगस्त, 2025 को अपलोड किया गया था. इस चैनल पर वायरल वीडियो से मिलते-जुलते कई लंबे वीडियो भी मौजूद हैं जो तकरीबन एक साल पहले अपलोड किए गए थे. ऐसे ही एक वीडियो के कैप्शन में लिखा है कि एक सिंगल मदर को अपने दो बच्चों को भूखा छोड़कर 50 किलोमीटर दूर काम करने जाना पड़ता है. जाहिर है, ये वीडियो भी नेपाल की बाढ़ से संबंधित नहीं है.
बच्चे को बचाते लोगों का ये वीडियो गुजरात का है
भीषण बाढ़ के बीच रोते हुए एक बच्चे को बचाते चार लोगों का ये वीडियो भी नेपाल बाढ़ का बताकर वायरल हो रहा है. इसमें एक रस्सी के सहारे लोग बच्ची को तेज बहाव वाली जगह से किनारे लाते हुए दिखते हैं.
सच्चाई- इस वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें गुजरात समाचार की 26 जुलाई, 2026 की एक रिपोर्ट मिली. खबर के अनुसार, ये गुजरात के वलसाड जिले के टिंभी गांव का वीडियो है. उस वक्त इस गांव के कुछ युवाओं ने बाढ़ में फंसी बच्ची की जान बचाई थी. एबीपी न्यूज ने भी उस वक्त इस घटना के बारे में खबर छापी थी.
साफ है, नेपाल बाढ़ की आड़ में कुछ लोग रोते बच्चों के पुराने और एआई वीडियो शेयर करके अपने लाइक-शेयर बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.