
दिल्ली के जंतर मंतर पर 21 अगस्त को बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोगों ने यूजीसी इक्विटी नियमों के खिलाफ व मौजूदा आरक्षण नीति में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.
अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें एक सड़क पर लोगों का भारी हुजूम नजर आ रहा है. कुछ लोग इसे दिल्ली का बताकर कह रहे हैं कि सवर्ण समाज के लोगों ने दिल्ली की ये सड़क जाम कर दी.
इंस्टाग्राम पर इसे शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा कि दिल्ली के आसपास के राज्यों से करणी सेना और सवर्ण समाज के लोगों ने राजधानी पहुंचकर विशाल रैली की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो मध्य प्रदेश के भोपाल का है, और MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर मूंग की खरीद समेत अन्य मुद्दों को लेकर हुए किसानों के प्रदर्शन को दिखाता है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें इससे मिलता-जुलता एक वीडियो रमाकांत द्विवेदी के 29 जुलाई के फेसबुक पोस्ट में मिला. ये एक अलग एंगल से रिकॉर्ड किया हुआ इसी जगह का वीडियो है. पोस्ट के मुताबिक ये वीडियो मध्य प्रदेश के भोपाल में हुए किसानों के प्रदर्शन का है. बेहतर क्वालिटी वाले इस वीडियो में भोपाल नगर निगम का बोर्ड भी दिखाई देता है.
हमें सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन के कई वीडियो मिले. न्यूज एजेंसी ANI और PTI की 29 जुलाई की वीडियो रिपोर्ट्स में भी ये जगह साफ नजर आ रही है. गूगल मैप्स पर भी प्रदर्शन वाली इस जगह को देखा जा सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक किसानों ने MSP पर मूंग की फसल की 100 फीसदी खरीद और बाकी मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था.
रिपोर्ट्स के मुताबिक किसानों ने मूंग की खरीद समेत खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था को खत्म करने की मांग को लेकर नर्मदापुरम से लेकर भोपाल तक मार्च किया. किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में राशन, बिस्तर और खाने का सामान अपने साथ लाए थे. इस प्रदर्शन में जेन-जी और युवा भी शामिल हो गए थे. हालांकि सरकार से बातचीत के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया.
साफ है कि भोपाल के पुराने वीडियो को दिल्ली में सवर्ण समाज के प्रदर्शन का बताकर शेयर किया जा रहा है.