रामानंद सागर की रामायण हम सभी ने देखी और एक्सपीरियंस की है. टीवी पर आने वाला ये धारावाहिक आज भी कितना आइकॉनिक माना जाता है, ये हमको बताने की जरूरत नहीं. पूरे भारत में इसे काफी पसंद किया गया था. फिल्ममेकर रामानंद सागर की मेहनत रंग लाई थी. लेकिन वो इसे सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रखना चाहते थे. उनकी डिज्नी के साथ मिलकर कुछ बड़ा करने की चाहत थी, जो पूरी नहीं हो पाई थी.
1991 में जब भारत में विदेशी कंपनियों के लिए बाजार खुला, तब रामानंद सागर चाहते थे कि डिज्नी जैसा बड़ा स्टूडियो उनके सीरियल रामायण में निवेश करे. ये दावा ललित मोदी ने हाल ही में खुद किया है. उनका कहना है कि वो उस समय डिज्नी से जुड़े हुए थे. उन्होंने ही भारत में कंटेंट की मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और प्रोडक्शन के लिए एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया था.
रामानंद सागर से मिले थे ललित मोदी
'द भारत इंक' के यूट्यूब चैनल पर ललित मोदी ने कहा- रामानंद सागर और बीआर चोपड़ा दोनों मेरे पास आए थे और चाहते थे कि मैं उनके प्रोजेक्ट में पैसा लगाऊं. मैं इसके लिए तैयार था. मेरे पास डिज्नी के जरिए मार्केटिंग, प्रोडक्शन और दुनियाभर में प्रोग्रामों के डिस्ट्रीब्यूशन की एक पूरी व्यवस्था थी, लेकिन वॉल्ट डिज्नी कंपनी मेरी पार्टनर थी.
'मैंने डिज्नी से कहा कि हमें भी प्रोग्रामों का प्रोडक्शन शुरू करना चाहिए और रामानंद सागर के साथ मिलकर रामायण बनानी चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा काम अपने शोज बेचना है. अगर हम खुद भी शोज बनाने लगेंगे, तो हितों का टकराव होगा. इसके बावजूद मैं उन्हें मनाने की कोशिश करता रहा.'
ललित मोदी आगे बताते हैं कि उन्होंने डिज्नी के बड़े अधिकारियों को समझाने की कोशिश की कि रामानंद सागर की 1 करोड़ रुपये की मांग पूरी की जानी चाहिए. इसके बदले डिज्नी को इस शो के अधिकार मिल सकते थे. बाद में ये शो भारत के सबसे सफल शो में शामिल हुआ. काफी कोशिशों के बाद डिज्नी के अधिकारी मीटिंग के लिए भारत आने को तैयार हो गए.
उन्होंने उस घटना को याद करते हुए कहा- रामानंद सागर उस मीटिंग में शॉर्ट्स पहनकर पहुंचे थे. जब उनसे पूछा गया कि क्या रामानंद सागर कपड़ों की वजह से कोई समस्या हुई, तो उन्होंने कहा कि उस समय डिज्नी के अधिकारी लोगों के पहनावे और उनके दिखने के तरीके को लेकर काफी सख्त थे.
क्यों डिज्नी से रिजेक्ट हुए रामानंद सागर?
ललित मोदी ने कहा- उन्हें अंग्रेजी समझने में भी कुछ परेशानी थी. उन्होंने डिज्नी के अधिकारियों की बातें सुनीं, लेकिन वो उन्हें पूरी तरह समझ नहीं पाए. इसी तरह, डिज्नी के अधिकारी भी उनकी बात पूरी तरह नहीं समझ सके. इसलिए वो डिज्नी के अधिकारियों पर अपनी छाप नहीं छोड़ पाए.
'उस समय डिज्नी के अधिकारी अच्छी तरह तैयार किए गए प्रस्तावों के आदी थे. वो एक प्रेजेंटेशन देखना चाहते थे. मैं देख सकता था कि डिज्नी के प्रेसिडेंट कमरे से बाहर जाने के लिए तैयार थे. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इस प्रोजेक्ट से क्या हासिल होगा. ये नेचुरल भी था, क्योंकि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी. भारतीय टेलीविजन पर इससे पहले पौराणिक कथाओं पर आधारित शो नहीं दिखाए गए थे. उन्हें नहीं पता था कि ये सफल होगा या नहीं. मैं भी ज्यादा कुछ नहीं कर सकता था, क्योंकि डिज्नी मेरी पार्टनर कंपनी थी.'
ललित मोदी ने दावा किया कि उन्होंने भारत में डिज्नी के शोज के लिए एक पूरा नेटवर्क तैयार किया था. दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला डिज्नी आवर भी इसी का हिस्सा था. इसी वजह से रामानंद सागर और बीआर चोपड़ा उनके पास पहुंचे थे. रामायण का प्रसारण 1987 में और महाभारत का प्रसारण 1988 में शुरू हुआ था, जबकि डिज्नी आवर दूरदर्शन पर 1990 के दशक की शुरुआत में प्रसारित होने लगा था.
अब रामानंद सागर की रामायण के बाद, नमित मल्होत्रा अपनी रामायण लेकर आ रहे हैं जो इस समय काफी सुर्खियों में है. ये फिल्म दुनियाभर में 5 नवंबर को रिलीज होने वाली है. इसपर उन्होंने 4000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. फिल्म में रणबीर कपूर, यश, साईं पल्लवी, रवि दुबे, और अरुण गोविल जैसे सितारे हैं.