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'फुकरे' में दिल्ली-पंजाब का जायका

फरहान अख्तर और रितेश सिधवाणी यूं तो एक बार फिर से दोस्तों पर आधारित कहानी लेकर आ रहे हैं लेकिन उसके बावजूद फुकरे उन सभी कहानियों से अलग है, ऐसा उनका कहना है. फुकरे देसी तड़के वाली फिल्म है, जिसमें दिल्ली-पंजाब का जायका मिलेगा.

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'फुकरे' इन दिनों अपने मस्ती भरे गीतों और दिलचस्प स्टारकास्ट की वजह से सुर्खियों में बनी हुई है. फरहान अख्तर और रितेश सिधवाणी यूं तो एक बार फिर से दोस्तों पर आधारित कहानी लेकर आ रहे हैं लेकिन उसके बावजूद ये उन सभी कहानियों से काफी अलग है ऐसा उनका कहना है. 'फुकरे' देसी तड़के वाली फिल्म है, जिसमें दिल्ली और पंजाब का जायका मिलेगा.

'फुकरे' की कहानी पूर्वी दिल्ली की है और वहां का रंग देने के लिए फिल्म के हर किरदार को उसी तरह से ढाला गया है. फिल्म के किरदारों को बॉडी लैंग्वेज से लेकर अपने पहनावे और बोली तक पर बहुत गहराई से ध्यान देना पड़ा. फिल्म में कुछ किरदार कई दफा पंजाबी भाषा का इस्तेमाल करते हुए नजर आएंगे.

सूत्र बताते हैं कि फिल्म के हर कलाकार ने दिल्ली के लोगों के लहजे, बोली और बॉडी लैंग्वेज को अपनाने के लिए ट्रेनिंग भी ली ताकि वे पर्दे पर एकदम स्वाभाविक दिखें. फिल्म के निर्देशक मृगदीप लांबा दिल्ली के ही रहने वाले हैं. उन्होंने अपने खुद के कई अनुभव फिल्म में शामिल किए हैं. फुकरे 14 जून को रिलीज हो रही है.

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