तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की करीबी दोस्त तृषा पर डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के कथित बयान पर खूब हंगामा हुआ था. मामला गिरफ्तारी तक पहुंच गया था. लेकिन इस घटना के कुछ दिनों बाद ही अब डीएमके के मुखपत्र ने तृषा की मौजूदगी को लेकर विजय पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है.
डीएमके के मुखपत्र Murasoli ने अपने संपादकीय में विजय पर जमकर हमला बोला है. 15 अगस्त को फोर्ट सेंट जॉर्ज में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली कतार में तृषा के बैठने और विजय को सलामी देने पर संपादकीय में सवाल उठाए गए हैं. पार्टी ने विजय के इस व्यवहार को शर्मनाक तमाशा बताते हुए कहा कि इसमें किसी तरह की मर्यादा नजर नहीं आई.
संपादकीय में कहा गया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री विजय की गरिमा हवा में उड़ गई. बिना किसी शर्म या झिझक के उन्होंने एक अभिनेत्री को पहली पंक्ति में बैठाया और बार-बार एक-दूसरे को सलामी दी. यह ऐसा दृश्य था जिसे उन्हें वोट देने वाले लोग भी पचा नहीं सके.
तमिलनाडु सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में तृषा को विजय के माता-पिता के साथ पहली पंक्ति में बैठाया गया था. पीली साड़ी पहने तृषा को विजय के राष्ट्रीय ध्वज फहराने और परेड का निरीक्षण करने के दौरान उन्हें सलामी करते हुए देखा गया. सरकारी कार्यक्रमों में तृषा की लगातार मौजूदगी ने चर्चाओं को और हवा दे दी है. इससे पहले मई में वह विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी पहुंची थीं, जहां वह भावुक होती नजर आई थीं.
विजय और तृषा की दोस्ती लंबे समय से अटकलों और गॉसिप का विषय रही है. खासकर विजय की शादी में कथित तनाव को लेकर दोनों के रिश्ते पर लगातार सवाल उठते रहे हैं. विजय की पत्नी संगीता ने फरवरी 2026 में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी. यह तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले की बात है. याचिका में उन्होंने मानसिक प्रताड़ना और भावनात्मक उपेक्षा को तलाक का आधार बताया था. हालांकि, इसी महीने की शुरुआत में उन्होंने तलाक की अर्जी वापस ले ली.
ऐसे में स्वतंत्रता दिवस समारोह में तृषा और विजय के वायरल हुए पलों ने डीएमके को विजय पर हमला करने का नया मौका दे दिया है. संपादकीय में कहा गया कि जो व्यक्ति अब तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बन चुका है, वह ऐसे शर्मनाक व्यवहार कर उसे सही ठहराने की कोशिश कर रहा है. विजय के प्रशंसक भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में किसी अभिनेत्री को बुलाकर उसके साथ सलामी का आदान-प्रदान किए जाने को स्वीकार नहीं कर सके.
डीएमके का यह ताजा हमला बताता है कि पार्टी उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी को लेकर अब भी नाराज है. तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि को चार अगस्त को तृषा के बारे में की गई ऐसी टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसे व्यापक तौर पर तृषा के प्रति अपमानजनक माना गया. इस टिप्पणी के बाद सत्तारूढ़ टीवीके की ओर से तीखी प्रतिक्रिया और विरोध सामने आया था. हालांकि, उसी दिन उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.
विजय की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए डीएमके जिस तरह तृषा को लेकर निशाना साध रही है, उससे बीजेपी के पूर्व नेता के. अन्नामलाई की वह टिप्पणी भी प्रासंगिक हो गई है, जिसमें उन्होंने डीएमके पर राजनीतिक बदले के लिए महिलाओं को निशाना बनाने की पुरानी राजनीति करने का आरोप लगाया था.
सोमवार को चेन्नई में इंडिया टुडे तमिलनाडु राउंडटेबल में अन्नामलाई ने कहा था कि कुछ राजनीतिक दल अब भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता निपटाने के पुराने तरीकों यानी गाली देने, किसी महिला को बीच में लाने और किसी मां को बीच में लाने पर भरोसा करना चाहते हैं.
उन्होंने परोक्ष रूप से स्टालिन के बेटे उदयनिधि पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेताओं और वंशवादी नेताओं को यह समझ नहीं आया है कि जमीन पर हालात बदल चुके हैं.