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टाइगर श्रॉफ पर हमले का आरोपी नाबालिग नहीं... मुंबई पुलिस ने खोला हमलावरों का कच्चा चिट्ठा

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दो आरोपियों ने वारदात के दौरान 7 गोलियां चलाई थीं. तीनों को घटना के करीब 15 घंटे के भीतर राजस्थान के कोटा में पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से पकड़ा गया.

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टी-शर्ट पहने आरोपी ऋतिक, बीच में फूल सिंह और बाईं ओर देख रहा आरोपी रेहान. (Photo ITG)
टी-शर्ट पहने आरोपी ऋतिक, बीच में फूल सिंह और बाईं ओर देख रहा आरोपी रेहान. (Photo ITG)

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मुंबई पुलिस ने सोमवार को साफ किया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी नाबालिग नहीं हैं. इनमें एक की उम्र 18 साल, जबकि बाकी दो की उम्र 22-22 साल है. पुलिस के मुताबिक, दो आरोपियों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर पांच से सात राउंड फायरिंग की थी. वारदात के बाद तीनों मुंबई से भाग निकले थे, लेकिन पुलिस ने करीब 15 घंटे के भीतर उन्हें राजस्थान के कोटा में एक ट्रेन से पकड़ लिया.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी फूल सिंह नरेश (18), रेहान राहीउसुद्दीन (22) और बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक उर्फ रोशन (22) के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल मुंबई के अंधेरी इलाके में मिली थी. हालांकि, आरोपियों के पास से फायरिंग में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं हुए हैं. पुलिस अब उनसे पूछताछ कर हमले की वजह और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

दो आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड आया सामने

जांच के दौरान दो आरोपियों की पिछली गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है. फूल सिंह नरेश हरियाणा के सोनीपत जिले का रहने वाला है और 12वीं पास है. उसके खिलाफ साल 2025 में वाहन चोरी का मामला दर्ज हुआ था.

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दूसरा आरोपी रेहान राहीउसुद्दीन सोनीपत का निवासी है और नौवीं कक्षा तक पढ़ा है. उसके खिलाफ 2026 में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. रेहान के पिता रईसुद्दीन ने बताया कि उनका बेटा कुछ महीने पहले हथियार से जुड़े मामले में पकड़ा गया था और फिलहाल जमानत पर बाहर था.

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रईसुद्दीन ने बताया कि रेहान करीब 10 साल से उनके साथ नहीं रह रहा था और अपनी मां के साथ देवडू गांव में रहता था. उसकी मां एक फैक्ट्री में काम करती हैं और उन्होंने ही उसकी जमानत का इंतजाम किया था. पिता ने अपने बेटे की कथित गतिविधियों के लिए उसके मित्रों के समूह को जिम्मेदार ठहराया.

रेहान की मौसी अफसाना ने बताया कि करीब दो सप्ताह पहले उसने फोन करके कहा था कि वह गुरुग्राम में वेल्डिंग का काम सीख रहा है.

तीसरा आरोपी ऋतिक उर्फ रोशन बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है. वह 12वीं पास है और मुंबई में रैपिडो से जुड़े गिग वर्कर के तौर पर काम करता था. जानकारी के मुताबिक, वह पिछले करीब दो महीने से मुंबई में रह रहा था. पुलिस इन तीनों की आपसी जान-पहचान और मुंबई में उनकी गतिविधियों की भी जांच कर रही है.

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15 घंटे में गिरफ्तारी, 20 टीमों ने चलाया ऑपरेशन

दरअसल, मुंबई के जुहू इलाके में रविवार शाम टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी. घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसमें कार पर नजदीक से गोलियां चलती दिखाई दे रही हैं. हमले में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति को चोटें आईं.

पुलिस ने जुहू थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), जो हत्या के प्रयास से संबंधित है, और धारा 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 25 के तहत मामला दर्ज किया है.

वारदात के बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की तलाश शुरू की. पुलिस ने डिजिटल प्रूफ का विश्लेषण किया और अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की. वाहन के मालिक से जुड़ी जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपियों के भागने के रास्ते तक पहुंची. जांच में सामने आया कि आरोपी सूरत पहुंचे और वहां से पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में सवार हुए.

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नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी

मुंबई पुलिस ने दिल्ली, गुजरात और राजस्थान पुलिस के साथ समन्वय किया. क्राइम ब्रांच की 20 विशेष टीमें इस कार्रवाई में शामिल थीं. सोमवार सुबह 10:17 बजे जब ट्रेन कोटा स्टेशन पर पहुंची, तब वहां मौजूद पुलिस ने जनरल कोच से तीनों आरोपियों को पकड़ लिया. कोटा की एसपी तेजस्वनी गौतम के मुताबिक, आरोपियों को पकड़ने का ऑपरेशन करीब 15 मिनट में पूरा कर लिया गया.

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कोटा पुलिस ने तीनों को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया. इसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और मुंबई ले जाने के लिए अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल की. पुलिस के मुताबिक, आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रेन से भागने की कोशिश कर रहे थे. कोटा एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने वारदात के बाद ट्रेन में सवार होने की बात कही. पुलिस को आशंका है कि वे जयपुर से बस के जरिए दिल्ली और फिर नेपाल जाने की योजना बना रहे थे.

एक आरोपी 18 साल का, उम्र को लेकर क्यों हुआ विवाद?

गिरफ्तारी के बाद आरोपियों में से एक की उम्र को लेकर सवाल उठे थे. कोटा एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि एक आरोपी की ओर से दी गई जन्मतिथि के आधार पर वह 18 साल का होने से करीब एक महीने कम उम्र का लग रहा था. हालांकि, पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वह 18 साल का हो चुका है.

मुंबई पुलिस के डीसीपी राज तिलक रोशन ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गिरफ्तार आरोपियों में एक की उम्र 18 साल और बाकी दो की उम्र 22 साल है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई भी आरोपी नाबालिग नहीं है.

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पुलिस के मुताबिक, दो आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा बिहार का निवासी है. तीनों के बीच पिछले करीब 20 दिनों से जान-पहचान होने की बात सामने आई है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इतने कम समय में तीनों किस तरह एक साथ आए और वारदात की योजना कैसे बनी.

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लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित सहयोगी से संपर्क की जांच

इस मामले में जांच का एक अहम पहलू लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संपर्क भी है. पुलिस के मुताबिक, रेहान का संपर्क अनिल पंडित नाम के व्यक्ति से था, जिसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कथित सहयोगी बताया जा रहा है. इस गैंग के नाम से सोशल मीडिया पर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का एक अपुष्ट दावा भी सामने आया था. पुलिस जांच कर रही है कि क्या यह अनिल पंडित वही विदेश में बैठा गैंगस्टर है जो पहले भी देश के कई शहरों में बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है.

एक कथित ऑडियो क्लिप भी सोशल मीडिया और कई मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुई. इसमें अमेरिका में रहने वाले और पानीपत के रहने वाले 32 वर्षीय गैंगस्टर अनिल पंडित को यह कहते सुना जा सकता है कि टाइगर श्रॉफ को इसलिए निशाना बनाया गया, क्योंकि उन्होंने सलमान खान के साथ काम नहीं करने की चेतावनी को नजरअंदाज किया.

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कथित ऑडियो में सलमान खान से लॉरेंस बिश्नोई गैंग और बिश्नोई समुदाय से माफी मांगने की मांग भी की गई. इसमें चेतावनी दी गई कि ऐसा नहीं होने पर फिल्म जगत से जुड़े दूसरे लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है. हालांकि, इस ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है.

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि टाइगर श्रॉफ को पहले किसी तरह की धमकी मिलने की शिकायत नहीं थी. डीसीपी राज तिलक रोशन के मुताबिक, फायरिंग के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है. आरोपियों से पूछताछ के बाद ही इसकी जानकारी मिल सकेगी.

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमले में किसी अन्य व्यक्ति, कथित हैंडलर या बाहरी साजिशकर्ता की भूमिका तो नहीं थी. मामले की आगे की जांच क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंपी गई है.

टाइगर पर हमला करने वाले आरोपी (Photo: ITG)

महाराष्ट्र सरकार ने कहा- किसी को बख्शा नहीं जाएगा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि फायरिंग के बाद आरोपी सूरत की ओर भागे और फिर जयपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हुए. मुंबई पुलिस ने उनकी गतिविधियों का पता लगाया और राजस्थान पुलिस के साथ समन्वय करके कोटा में उन्हें पकड़ लिया. फडणवीस ने कहा कि इस मामले में शामिल सभी लोगों का पता लगाया जाएगा और किसी को बख्शा नहीं जाएगा.

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वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टाइगर श्रॉफ से मुलाकात के बाद कहा कि आपराधिक नेटवर्क को फिर से उखाड़ फेंकने का समय आ गया है. उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही.

दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने राज्य में गोलीबारी, हत्या, रंगदारी और अपहरण की घटनाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष इन घटनाओं को लेकर सरकार से सवाल कर रहा है और इसी वजह से सत्ता परिवर्तन की मांग की जा रही है.

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