बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने पुराने ‘पद्मावत’ और जौहर वाले बयान को लेकर चर्चा में हैं. सोशल मीडिया पर उनके एक वीडियो क्लिप को लेकर दावा किया जा रहा था कि उन्होंने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली दूसरी महिलाओं को ‘कायर’ कहा था. अब स्वरा ने एक वीडियो शेयर कर इस पूरे विवाद पर सफाई दी है.
स्वरा ने कहा कि उनकी बात का गलत तरीके से अनुवाद किया जा रहा है और उनके बयान को तोड़-मरोड़कर एक झूठी कहानी के तौर पर फैलाया जा रहा है. उन्होंने कहा- मैंने कुछ कहा था, जो अब सरासर गलत तरीके से अनुवादित हो रहा है और जिसे एक झूठ बनाकर फैलाया जा रहा है.
एक्ट्रेस ने साफ किया कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि रानी पद्मावती कायर थीं या महल की दूसरी रानियां और महिलाएं, जिन्होंने जौहर किया था, वे कायर थीं. स्वरा बोलीं- मैं साफ तौर पर यह कहना चाहती हूं कि मैंने कतई ऐसा नहीं कहा कि रानी पद्मावती कायर थीं या वो बाकी महल की रानियां और औरतें, जिन्होंने जौहर किया था, वो कायर थीं.
स्वरा ने एक-एक बात का हिंदी में मतलब समझाया
स्वरा ने अपने वीडियो में अपनी कही हुई बातों को एक-एक करके हिंदी में समझाया, ताकि लोगों को पता चल सके कि उन्होंने असल में क्या कहा था. उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वालों पर भी निशाना साधा. स्वरा ने कहा कि अगर किसी को भाषा समझ नहीं आती है तो उसे पहले पूछना चाहिए या यह पता करना चाहिए कि उन्होंने वास्तव में क्या कहा था. बिना समझे किसी बात को गलत तरीके से फैलाना ठीक नहीं है.
स्वरा ने कहा- जो लोग मुझे गालियां देना चाहते हैं, दीजिए, लेकिन सही चीज पर दीजिए. अपने मूल बयान की सफाई देते हुए स्वरा ने बताया कि ‘पद्मावत’ का क्लाइमेक्स देखते समय उनके मन में क्या विचार आया था.
उन्होंने कहा कि फिल्म का क्लाइमेक्स देखते हुए उन्हें लगा था कि अगर भगवान न करे वह खुद कभी रेप की शिकार हुई होतीं, तो शायद उन्हें इस बात पर खुद को कायर महसूस होता कि उन्होंने अपनी जान नहीं ली.
स्वरा ने अपनी बात समझाते हुए कहा- जब मैं क्लाइमेक्स देख रही थी, तो मुझे लगा कि भगवान न करे, अगर मैं रेप की शिकार होती, तो मुझे लगता कि मैं कायर हूं क्योंकि मैंने खुद को मार नहीं डाला. एक्ट्रेस ने कहा कि उन्होंने यह बात उस संदर्भ में कही थी, जब समाज में रेप एक तरह की ‘महामारी’ बनता जा रहा है. उन्होंने कहा- हम एक ऐसे समाज के बीच में रहते हैं, जहां रेप कल्चर तेजी से फल-फूल रहा है.
दिल्ली-NCR में 47 किलोमीटर तक रेप के आरोप का दिया उदाहरण
स्वरा ने दिल्ली-NCR में एक लड़की के साथ कथित तौर पर करीब 47 किलोमीटर तक रेप किए जाने के मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी घटनाओं और महिलाओं की स्थिति को देखते हुए फिल्में आखिर समाज को क्या संदेश दे रही हैं.
उन्होंने ‘पद्मावत’ के संदर्भ में सवाल किया- क्या हमें ऐसी फिल्म बनानी चाहिए, जहां हमें यह संदेश जा रहा है कि एक औरत की शारीरिक पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा मूल्यवान है? स्वरा ने आगे पूछा- क्या हमें रेप सर्वाइवर्स को यह संदेश देना चाहिए कि तुम्हारी जान ही चली जाती तो बेहतर था? अगर तुम जिंदा बच गईं, तो यह बुरी बात है?
स्वरा ने सवाल किया कि आखिर क्या किसी महिला की जिंदगी उसके साथ रेप होने के बाद खत्म हो जाती है? उन्होंने निर्भया का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने आखिरी सांस तक छह लोगों से लड़ाई लड़ी थी. स्वरा ने कहा कि महिलाओं की जीने की इच्छा को कभी कम करके नहीं आंकना चाहिए. उन्होंने कहा- कभी भी महिलाओं की जीने की इच्छा को कम मत समझिए.
पोस्ट के कैप्शन में भी स्वरा ने मीडिया पर साधा निशाना
स्वरा ने अपने वीडियो के साथ शेयर किए गए कैप्शन में भी अपनी सफाई दोहराई. उन्होंने कहा कि उनके वीडियो की एक क्लिप वायरल हो गई है और उसका गलत और झूठा नेरेटिव बनाया जा रहा है.
उन्होंने लिखा- मेरे वीडियो की एक क्लिप वायरल हो गई है और उसका गलत और झूठा अनुवाद किया जा रहा है. मैंने कभी नहीं कहा कि रानी पद्मावती या सती करने वाली कोई भी महिला कायर थी. यह शर्मनाक है कि मीडिया चैनल और लोग बार-बार झूठे आरोप लगा रहे हैं और लोगों को भड़का रहे हैं. स्वरा ने अपनी पोस्ट के अंत में साफ शब्दों में कहा- महिलाओं को रेप के बाद भी जीने का अधिकार है.
मालूम हो कि स्वरा ने पद्मावत की रिलीज के बाद संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था. इसे एक्सप्लेन करते हुए स्वरा ने कहा कि जौहर करने वाली महिलाओं को देख वो विचलित हो गई थीं. वो हफ्ते भर तक सो नहीं पाईं और समझ नहीं पाईं कि महिलाओं को सिर्फ 'वजाइना' ही क्यों समझा जाता है.