आखिरकार रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश स्टारर 'रामायण' का मच-अवेटेड ट्रेलर रिलीज हो चुका है. ट्रेलर सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसकी जमकर चर्चा शुरू हो गई. किसी ने इसके विजुअल्स और वीएफएक्स की तारीफ की, तो किसी ने किरदारों की पहली झलक को सराहा. वहीं एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जिसने ट्रेलर रिलीज की पूरी रणनीति पर सवाल उठा दिए.
बहस सिर्फ ट्रेलर की नहीं है, बल्कि उस तरीके की भी है, जिससे इसे दर्शकों तक पहुंचाया गया.
टला ट्रेलर... थमने लगा क्रेज!
फिल्म का ट्रेलर पहले 24 जुलाई को आना था. इसके बाद रिलीज की तारीख आगे बढ़ती रही और आखिरकार इसे 30 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त, सुबह 4:15 बजे रिलीज किया गया. मेकर्स ने इसे धार्मिक प्रतीकवाद से जोड़ा, लेकिन इंडस्ट्री में इस टाइमिंग को लेकर दूसरी चर्चाएं भी रहीं.
ट्रेलर को हॉलीवुड फिल्म 'Spider-Man: Brand New Day' के साथ सिनेमाघरों में भी अटैच किया गया. भारत में फिल्म के पहले शो सुबह शुरू होने थे. अगर ट्रेलर बाद में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होता, तो थिएटर में रिकॉर्ड की गई कई क्लिप्स पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो सकती थीं. ऐसे में मेकर्स ने आधिकारिक ट्रेलर पहले जारी करना बेहतर समझा.
क्या यूएस ऑडियंस भी थी फोकस में?
सुबह 4:15 बजे भारत में ट्रेलर रिलीज करने का मतलब अमेरिका में पिछली शाम का प्राइम टाइम भी था. फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा पहले ही कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि उनका लक्ष्य सिर्फ भारतीय बाजार नहीं, बल्कि पूरी दुनिया है. उनका कहना रहा है कि अगर 'रामायण' विदेशी दर्शकों को इम्प्रेस करने में कामयाब नहीं रही, तो वह इसे अपनी असफलता मानेंगे.
यानी फिल्म की मार्केटिंग शुरुआत से ही ग्लोबल ऑडियंस को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.
लेकिन भारतीय दर्शकों के मन में उठे सवाल
यहीं से बहस शुरू होती है. 'रामायण' सिर्फ एक फिल्म नहीं, करोड़ों भारतीयों की आस्था और भावनाओं से जुड़ा विषय है. श्रीराम, माता सीता और हनुमान जैसे पात्र सिर्फ सिनेमाई किरदार नहीं, बल्कि पूजा और श्रद्धा का हिस्सा हैं.
ऐसे में कई दर्शकों का मानना है कि ट्रेलर रिलीज का पूरा फोकस विदेशी बाजार और इंटरनेशनल रणनीति पर ज्यादा नजर आया, जबकि भारतीय दर्शकों को इंतजार, बदलती तारीखों और लीक होती क्लिप्स के बीच उलझना पड़ा.
लीक क्लिप्स ने बढ़ाई बेचैनी
ट्रेलर रिलीज से पहले सोशल मीडिया पर कॉमिक-ऑन इवेंट से रिकॉर्ड की गई कुछ क्लिप्स और तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगी थीं. इन पर यूजर्स के भर-भर के रिएक्शन्स देखने को मिले. लॉन्च से पहले ही कई बड़े विजुअल्स चर्चा का हिस्सा बन गए. वहीं फिल्म के टीजर को भी दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला था.
हालांकि मेकर्स की ओर से इन्हें लेकर कोई रिएक्शन सामने नहीं आया, लेकिन कई फैंस का कहना है कि इससे ट्रेलर देखने का पहला रोमांच पहले जैसा नहीं रहा.
ट्रेलर कैसा है?
अगर ट्रेलर की बात करें तो विजुअली फिल्म काफी बड़े स्केल पर नजर आती है. रणबीर कपूर का राम अवतार, साई पल्लवी की सीता और यश की रावण वाली झलक ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है. बैकग्राउंड स्कोर और वीएफएक्स की भी सराहना हो रही है. माना जा रहा है कि टीजर को मिले रिएक्शन के बाद मेकर्स ने ट्रेलर को बेहतरीन बनाने में काफी ध्यान दिया है.
हालांकि कुछ यूजर्स को किरदारों का लुक, कुछ सीजीआई शॉट्स और प्रस्तुति पूरी तरह प्रभावित नहीं कर पाई. यही वजह है कि ट्रेलर को सोशल मीडिया पर मिक्स्ड रिएक्शन मिल रहे हैं.
सबसे बड़ा सवाल...
'रामायण' जैसी फिल्म का सपना सिर्फ भारत का नहीं, बल्कि दुनिया के सामने भारतीय संस्कृति को बड़े स्तर पर पेश करने का भी है. इसमें कोई दो राय नहीं कि ग्लोबल पहुंच किसी भी भारतीय फिल्म के लिए अच्छी बात है.
लेकिन क्या इस दौड़ में भारतीय दर्शकों की उत्सुकता और भावनात्मक जुड़ाव कहीं पीछे छूट गया? कहीं न कहीं वे ठगा सा महसूस कर रहे हैं. बदलती रिलीज डेट, ब्रह्म मुहूर्त की टाइमिंग, ग्लोबल मार्केटिंग और लीक क्लिप्स के बीच एक बात साफ है- ट्रेलर से ज्यादा चर्चा उसकी रिलीज रणनीति की हो रही है.