टेलीविजन पर शक्तिमान और भीष्म पितामह जैसे आइकॉनिक किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना अपने बेबाक अंदाज को लेकर फिर से सुर्खियों में आ चुके हैं. इस बार उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के स्टूडेंट प्रोटेस्ट और झारखंड में हुए प्रोटेस्ट पर निशाना साधा है. एक्टर ने इन आंदोलन के पीछे किसी बड़ी साजिश की बात कही है. उन्होंने कई सारे आरोप लगाए हैं.
'शक्तिमान' ने उठाया सवाल
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में मुकेश खन्ना ने पेपर लीक मुद्दे पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा- देखिए शिक्षा प्रणाली में बदलाव आज के बच्चे जेन-जी इसलिए डिमांड कर रही है कि पेपर लीक हो गए. ये जेन-जी ये नहीं बोलती कि जो सिखाया जा रहा है वो ठीक नहीं सिखाया जा रहा. किसी ने भी शिक्षा प्रणाली के ऊपर, शिक्षा के कंटेंट के ऊपर किसी ने मुद्दा नहीं उठाया. मुद्दा उठा कहां से पेपर लीक हो गए.
'लेकिन पेपर लीक उनके टाइम पर ही नहीं, बल्कि मेरे टाइम भी आज से 40 साल पहले की बात कर रहा हूं, लॉ कॉलेज में भी मेरे सामने पेपर लीक होते थे. उस जमाने में पेपर लीक करने वाले को पकड़ा जाना चाहिए. आज भी पेपर लीक करने वाले को पकड़ा जाना चाहिए. ना कोई शिक्षा मंत्री इसमें शामिल है कि वो पेपर लीक करवाता है, न प्रधानमंत्री हमारे इसमें शामिल हैं. तो उनके ऊपर क्यों आप लोग पहुंचे?'
मुकेश खन्ना के दावे
मुकेश खन्ना ने आगे दावा किया कि देश के बाहर से नीट पेपर लीक में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समर्थन मिला है- उन्होंने कहा- कहीं ना कहीं उस आंदोलन में बाहर के लोग घुस गए हैं. ना सिर्फ बाहर के लोग, बाहरी मुल्क भी इसमें घुस गए हैं. पैसे डाले गए हैं. लाखों रुपया डाला गया है दंगा कराने के लिए.
'आप बोलते हो कि शांतिपूर्वक था. लेकिन साहब अगर आप शुरू से देखिए तो कहीं भी आपको वो नजर नहीं आएगा. पुलिस को मार रहे थे. 200 से ज्यादा पुलिस जख्मी हो गई. ये स्टूडेंट नहीं कर रहे थे. माफ करना मैंने शुरुआत में कहा था कि ऐसी बच्ची अगर ऐसी भाषा इस्तेमाल करती है तो हमको आज की जेन-जी पर शर्म आनी चाहिए.'
मुकेश खन्ना का कहना है कि उन्हें बाद में समझ आया कि जो कुछ भी उस आंदोलन में हुआ, वो सब कहीं से करवाया गया था. इसके पीछे किसी ना किसी की फंडिंग थी, बाहर के मुल्कों से पैसे डाले गए थे. उनके मुताबिक, इस आंदोलन को पॉलिटिक्स में बदल गया. उनका कहना है कि सामने आंदोलन करने वाले कुछ और लोग थे, मगर उसका फायदा कोई और उठा रहा था.
पॉलिटिक्स पर बोले मुकेश खन्ना
एक्टर ने कहा- ये एक ह्यूमन एंगल था, जो पॉलिटिकल एंगल बनाया गया. ह्यूमन एंगल ये था कि अगर पेपर लीक होंगे तो हम जैसे स्टूडेंट्स कहां जाएंगे. ये बहुत जायज था, एंगल बन गया कि ये सरकार जब तक रहेगी देश का कुछ नहीं होगा. ये मुद्दा नहीं था. मुद्दा ये था कि पेपर लीक हुआ इसलिए आपको जो इसके पीछे दोषी है उसको पकड़ो.
'लेकिन ये बदला गया कि पेपर लीक होना नहीं चाहिए. ये मुद्दा लड़ते लड़ते पॉलिटिकल हो गया. इसलिए मैं थोड़ा सा उनके खिलाफ हो गया था कि ये आप नहीं हैं, आपके पीछे बंदूक चलाने वाले बाहरी मुल्क वाले बैठे हैं. आपने देखा होगा कि लद्दाख में करा चुकी है. कहीं ना कहीं आपने देखा होगा कि नेपाल तक में करा चुकी है.'