एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर ने सोशल मीडिया पर उन्हें ‘अंधभक्त’ कहने वालों को करारा जवाब दिया है. ईशा ने साफ कहा कि अगर अपने देश से प्यार करना और भारत की तरक्की की चाह रखना ‘अंधभक्ति’ है, तो वह गर्व से ये लेबल स्वीकार करती हैं. हालांकि, उन्होंने ये भी स्पष्ट कर दिया कि उनकी भक्ति किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए है.
‘अंधभक्त’ कहने वालों को ईशा का जवाब
ईशा ने मंगलवार को अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह सीधे कैमरे से बात करती नजर आईं. उन्होंने कहा कि अगर भारत पर विश्वास करना, देश से प्यार करना और उसकी तरक्की चाहना भक्ति है, तो हां, वह खुद को भक्त और यहां तक कि ‘अंधभक्त’ कहने में भी गर्व महसूस करेंगी.
लेकिन ईशा ने साथ ही लाइन साफ कर दी- उनकी भक्ति किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि अपने देश भारत के लिए है. उनका सीधा संदेश था- ‘नेशन फर्स्ट.’
ईशा ने देशभक्ति की अपनी परिभाषा भी बताई. उनका कहना है कि जहां भी इंसान रहता है, उसे उस जगह से प्यार करना चाहिए, उसका सम्मान करना चाहिए और उसकी बेहतरी के लिए अपना योगदान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि सिर्फ यह कहना काफी नहीं है कि ‘मुझे अपने देश से प्यार है.’ असली देशभक्ति तब है, जब इंसान ऐसा कुछ करे जिससे उसका देश बेहतर बने.
‘देश ने हमें क्या दिया’ की जगह सोचें- हमने देश को क्या दिया?
ईशा ने लोगों से अपनी सोच बदलने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि हर वक्त ये गिनने के बजाय कि देश ने हमें क्या दिया, हमें ये सोचना चाहिए कि हम अपने देश को क्या दे सकते हैं. इसके लिए उन्होंने माता-पिता और बच्चों का उदाहरण दिया. उनके मुताबिक, दो तरह के बच्चे होते हैं. एक वो, जो पूरी जिंदगी यही गिनता रहता है कि उसके माता-पिता ने उसे क्या नहीं दिया और क्या दिया.
दूसरा वो, जिसे जो कुछ मिलता है, उसे सिर्फ अपने लिए नहीं रखता, बल्कि उससे अपने माता-पिता की जिंदगी भी बेहतर बनाने की कोशिश करता है. ईशा के मुताबिक, फर्क सिर्फ हालात का नहीं, सोच का भी होता है.
‘मुझे राष्ट्रवादी कहो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता’
एक्ट्रेस ने आगे कहा कि भारत बदल रहा है और अब वक्त आ गया है कि लोगों की सोच भी बदले. उन्होंने लोगों से देश को नया बनाने की कोशिश का हिस्सा बनने की बात कही. ईशा ने कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें चाहे भक्त कहो, ‘अंधभक्त’ कहो या राष्ट्रवादी- उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता.
उन्होंने साफ शब्दों में कहा- कॉल मी अ डिवोटी, कॉल मी अ ब्लाइंड डिवोटी, कॉल मी अ नेशनलिस्ट. लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई. ईशा ने ये भी साफ कर दिया कि देश से प्यार करने का मतलब ये नहीं कि वह गलत चीजों पर सवाल नहीं उठा सकतीं.
‘मैं गलत पर सवाल भी उठा सकती हूं’
ईशा ने अपने पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि अगर भारत से प्यार करना ‘अंधभक्ति’ है, तो वह ये लेबल गर्व से पहनेंगी. उनके मुताबिक, वह जो गलत लगता है उस पर सवाल उठा सकती हैं, जो सही लगता है उसकी तारीफ कर सकती हैं और इसके बावजूद देश को सबसे ऊपर रख सकती हैं. उन्होंने अपनी बात ‘जय हिंद’ के साथ खत्म की.
इससे पहले जुलाई में भी ईशा कोप्पिकर ने लोकतंत्र को लेकर अपनी टिप्पणियों पर हुए ट्रोलिंग और विरोध का जवाब दिया था. काम की बात करें तो ईशा कोप्पिकर को हाल ही में ‘रॉकेटशिप’ नाम की इमोशनल ड्रामा फिल्म में देखा गया था. फिल्म का निर्देशन अर्जुन मेनन ने किया है.