बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी पिछले कई सालों से राजनीति में सक्रिय हैं. वह लगातार मथुरा से सांसद चुनी जाती रही हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब हेमा ने राजनीति में कदम रखने का फैसला किया था, तब धर्मेंद्र इसके बिल्कुल पक्ष में नहीं थे. हाल ही में एक इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने इस बारे में खुलकर बात की और बताया कि आखिर क्यों धर्मेंद्र उन्हें राजनीति में जाने से रोकते थे.
'भीड़ देखकर घबरा जाते थे धर्मेंद्र'
हेमा मालिनी ने बताया कि बीजेपी की तरफ से उन्हें अक्सर चुनाव प्रचार के लिए अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता था. वहां भारी भीड़ जुटती थी, जिसे देखकर धर्मेंद्र काफी डर जाते थे. हेमा ने कहा- शुरुआत में धर्मेंद्र जी बहुत परेशान रहते थे. जब मैं चुनाव प्रचार के लिए जाती थी और बड़ी-बड़ी भीड़ में पहुंचती थी, तो उन्हें मेरी सुरक्षा की बहुत चिंता होती थी. वो हमेशा कहते थे- 'तुम इतनी भीड़ में जाती हो, बस सुरक्षित रहना.
हेमा ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें अक्सर हेलिकॉप्टर से एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ता था. उन्होंने कहा- मेरे हेलिकॉप्टर से सफर करने पर भी उन्हें चिंता होती थी. वो बार-बार पूछते थे- 'क्या ये सब करना जरूरी है?' तब मैं कहती थी कि पार्टी बुला रही है, इसलिए जाना तो पड़ेगा.
विनोद खन्ना के प्रचार से बदली जिंदगी
हेमा मालिनी ने बताया कि साल 1999 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने एक्टर विनोद खन्ना के लिए चुनाव प्रचार किया था. उसी दौरान उनके मन में राजनीति में आने का विचार आया.
उन्होंने कहा- जब मैंने चुनाव प्रचार शुरू किया, तब मुझे पहली बार अपनी लोकप्रियता का एहसास हुआ. इतनी बड़ी भीड़ देखकर मैं हैरान रह जाती थी और पूछती थी- 'क्या ये लोग मुझे देखने आए हैं?' तब लोग कहते थे- 'हां.' ये देखकर बहुत अच्छा लगता था.
मां ने कहा- अब देश के लिए भी कुछ करो
हेमा ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने राजनीति में आने से साफ मना कर दिया था. लेकिन उनकी मां ने उन्हें समझाया. एक्ट्रेस ने कहा- मेरी मां ने कहा कि बीजेपी अच्छी पार्टी है. अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी जी जैसे बड़े नेता हैं. उन्होंने मुझसे कहा- 'तुमने लोगों का बहुत मनोरंजन कर लिया, अब देश के लिए भी कुछ करो. ऐसा मौका बार-बार नहीं मिलता.'
मां की यही बात उनके दिल को छू गई और उन्होंने राजनीति में आने का फैसला कर लिया.
चुनाव लड़ने से पहले रखी थी एक शर्त
हेमा मालिनी ने बताया कि उन्होंने बीजेपी के सामने एक शर्त रखी थी. उन्होंने कहा- मैंने साफ कहा था कि अगर चुनाव लड़ूंगी, तो सिर्फ मथुरा से. क्योंकि मैं भगवान श्रीकृष्ण की बहुत बड़ी भक्त हूं. शुरुआत में ये सीट किसी और को दी गई थी, लेकिन बाद में मुझे मिल गई. उस वक्त सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने मेरा काफी साथ दिया था. आज उनकी बहुत याद आती है.
बता दें कि हेमा मालिनी हिंदी सिनेमा की सबसे सफल एक्ट्रेसेज में गिनी जाती हैं. 'सपनों का सौदागर' से बॉलीवुड में कदम रखने वाली हेमा ने 'शोले', 'सीता और गीता', 'ड्रीम गर्ल', 'सत्ते पे सत्ता', 'द बर्निंग ट्रेन', 'जुगनू' और 'बागबान' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया. आज वह फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी एक बड़ा नाम हैं.