पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर में चले छात्र आंदोलन के दौरान कई ऐसे युवा भी प्रदर्शन में शामिल दिखाई दिए, जिन्हें भाजपा और एनडीए से जुड़े नेताओं के परिवारों का बताया जा रहा है. आंदोलन के आयोजकों का दावा है कि इन छात्रों ने भी सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाई. यह आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ.