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विदेश में भी 'सीता राम', नीम करोली बाबा से मिलने की स्टीव जॉब्स की अधूरी इच्छा

नीम करोली बाबा की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं को दिखाती फिल्म हनुमान अंश की खूब चर्चा हो रही है. स्टीव जॉब्स बाबा से मिलने भारत आए थे. वो कैंची धाम उनके दर्शन करने गए थे. हालांकि तब तब बाबा समाधि ले चुके थे.

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कैंची धाम जाकर बदली स्टीव जॉब्स की किस्मत (Photo: Social Media)
कैंची धाम जाकर बदली स्टीव जॉब्स की किस्मत (Photo: Social Media)

आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा की जिंदगी पर बनी फिल्म हनुमान अंश का बॉक्स ऑफिस पर डंका बज रहा है. ये मूवी नीम करोली बाबा यानी लक्ष्मण नारायण शर्मा की चमत्कारिक शक्तियों और मानव कल्याण को लेकर उनकी शिक्षाओं की झलक दिखाती है. इंडियन क्रिकेटर विराट कोहली के उनके आश्रम में जाने के बाद नीम करोली बाबा को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ी. लेकिन कोहली से पहले एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की किस्मत नीम करोली बाबा ने बदली थी.

नीम करोली बाबा ने बदली किस्मत

ये बात 1970 की है. स्टीव जॉब्स आध्यात्मिकता की खोज में थे. भारत जो कि आध्यात्म का केंद्र है. उनके कॉलेज फ्रेंड डेनियल कोटके ने स्टीव को भारत आने की सलाह दी. उन्हें नीम करोली बाबा के बारे में बताया. लेकिन जब तक स्टीव भारत आकर बाबा के दर्शन करते, वो समाधि ले चुके थे. 11 सितंबर 1973 को नीम करोली बाबा ने अंतिम सांस ली थी. इसलिए जब 1974 में स्टीव आध्यात्म से जुड़े सवालों को लेकर इंडिया आए, स्टीव की बाबा से मुलाकात नहीं हो पाई.

1985 में Playboy को दिए एक इंटरव्यू में स्टीव ने भारत आने के अपने अनुभव का जिक्र किया था. उन्होंने बताया था कि इस यात्रा ने उनके नजरिए को बदलने में भूमिका निभाई. उन्होंने इस यात्रा को महत्वपूर्ण बताया. नीम करोली बाबा की सीखों पर चलकर स्टीव ने करियर में सफलता पाई. कहते हैं स्टीव ने फेसबुक के फाउंडर मार्क जबरबर्ग को कंपनी के बुरे दौर में कैंची धाम जाने की सलाह दी थी. जानकारी के मुताबिक, मार्क ने स्टीव के कहने पर बाबा के कैंची धाम स्थित आश्रम के दर्शन किए. इस आध्यात्मिक जर्नी ने उन्हें कंपनी के मूल उद्देश्य और उसके सफर को लेकर नई दिशा दी. 

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हॉलीवुड की हसीना जूलिया रॉबर्ट्स ने भी नीम करोली बाबा से प्रभावित होने की बात कही. एक इंटरव्यू में जूलिया ने बताया था कैसे एक तस्वीर देखने के बाद ही उन्हें नीम करोली बाबा की तरफ आकर्षण पैदा हुआ. जबकि उस समय वो बाबा के बारे में कुछ नहीं जानती थीं. नीम करोली बाबा के विचारों ने देश-विदेशों के लोगों को प्रभावित किया है. 

नीम करोली बाबा की ये कहानी अब सिनेमाई पर्दे पर गदर मचा रही है. महज 2 करोड़ में बनी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तबाही मचा दी है. जो काम बड़े बजट में बनी फिल्म टॉक्सिक नहीं कर पाई, वो हनुमान अंश ने किया है. बाबा की भक्ति के आगे टॉक्सिक औंधे मुंह गिरी है. फिल्म ने 150 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है. बॉलीवुड के लिए ये लो बजट फिल्म एक केस स्टडी की तरह है. जो बताती है अगर कि कंटेंट ही रियल किंग है.

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