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कर्नाटक: जयनगर विधानसभा सीट पर 3 बजे तक हुआ 40% मतदान

जयनगर विधानसभा सीट से कांग्रेस ने सिद्धारमैया सरकार में गृह मंत्री रहे रामालिंगा रेड्डी की बेटी सौम्या रेड्डी को उतारा है. सौम्‍य के पक्ष में जेडीएस ने इस सीट पर अपना उम्‍मीदवार नहीं उतारा. वहीं, बीजेपी ने अपने दिवंगत विधायक बीएन विजयकुमार के भाई बी.एन प्रहलाद को टिकट दिया है.

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प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के जयनगर विधानसभा सीट पर सोमवार को मतदान हो रहा है. वोटिंग सुबह 7 बजे से शुरू हो गई है जो कि शाम 6 बजे तक जारी रहेगी.  तीन बजे तक यहां करीब 40 फीसदी मतदान हुआ.

बता दें, इस सीट से चुनाव लड़ रहे बीजेपी के नेता और मौजूदा विधायक बीएन विजय कुमार का मतदान से कुछ दिन पहले ही निधन हो गया था. इसकी वजह से चुनाव आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया था. जयनगर में कुल 216 पोलिंग बूथों पर वोट डाले जा रहे हैं. यहां करीब 2 लाख वोटर हैं.

कांग्रेस और बीजेपी के बीच टक्‍कर

जयनगर विधानसभा सीट से कांग्रेस ने सिद्धारमैया सरकार में गृह मंत्री रहे रामालिंगा रेड्डी की बेटी सौम्या रेड्डी को उतारा है. सौम्‍य के पक्ष में जेडीएस ने इस सीट पर अपना उम्‍मीदवार नहीं उतारा. वहीं, बीजेपी ने अपने दिवंगत विधायक बीएन विजयकुमार के भाई बी.एन प्रहलाद को टिकट दिया है. जयनगर सीट पर कुल 19 उम्‍मीदवार अपना भाग्‍य आजमा रहे हैं. हालांकि इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही टक्‍कर है.

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कर्नाटक में चुनाव से ठीक पहले 4 मई को बीजेपी उम्मीदवार बीएन विजय कुमार की चुनाव प्रचार के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. दरसअल हर दिन की तरह 3 मई को भी विजयकुमार अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार के लिए निकले थे. प्रचार के दौरान देर शाम 59 साल के विजयकुमार अचानक गिर गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में कुछ घंटों तक डॉक्टरों ने उनका इलाज किया. लेकिन उन्हें बचाया न जा सका. 4 मई की सुबह करीब 1 बजे बीजेपी नेता ने आखिरी सांस ली. बीएन विजयकुमार जयानगर विधानसभा सीट से दो बार के विधायक रहे थे. एक बार फिर बीजेपी ने उनपर भरोसा जताया था और टिकट दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय कुमार की मौत पर दुख जाहिर किया है. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार की मौत पर संवेदना व्यक्त की थी.

कर्नाटक में सत्‍ता को लेकर हुई थी खींचतान

बता दें, कि जेडीएस और कांग्रेस ने 12 मई के विधानसभा चुनाव के त्रिशंकु नतीजे आने के बाद राज्य में किया था. सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल से मिले न्योते के बाद भाजपा ने सरकार बनाई थी, लेकिन विश्वास मत का सामना किए बगैर ही 19 मई को बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद कुमारस्वामी ने कर्नाटक के सीएम के तौर पर 23 मई को शपथ ली थी.

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