उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजतक को दिए खास इंटरव्यू में 2027 के विधानसभा चुनाव से लेकर बुलडोजर एक्शन, रोजगार, निवेश, एसआईआर और पीडीए जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने अयोध्या के दीपोत्सव की उपलब्धियां गिनाईं तो राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद पर भी अपना पक्ष रखा. अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे, खुद के अयोध्या से चुनाव लड़ने के सवाल और सत्ता के खिलाफ माहौल यानी एंटी-इनकंबेंसी के मुद्दे पर भी उन्होंने जवाब दिए.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार और निवेश के मौके तैयार किए हैं. उन्होंने विपक्ष के पीडीए नारे पर तंज कसते हुए इसे 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बताया. एसआईआर, एनडीए की एकजुटता, चिराग पासवान, ओवैसी और 'बंटोगे तो कटोगे' जैसे मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी. इंटरव्यू में उन्होंने 2027 के चुनाव में 350 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य भी दोहराया.
सवाल: दसवें दीपोत्सव के बाद क्या अयोध्या में यह आखिरी दीपोत्सव था?
योगी आदित्यनाथ: हर दिन आखिरी होता है और हर आखिरी दिन एक नई शुरुआत करता है. पहला दीपोत्सव भी एक शुरुआत थी. पिछले 10 वर्षों में दीपोत्सव का विस्तार हुआ है. पहले दीपोत्सव में पूरे अयोध्या जिले में करीब 2.55 लाख दीप जुट पाए थे, जबकि इस बार अकेले अयोध्या नगरी में 70 लाख से ज्यादा दीप जलाए गए. राम की पैड़ी से गुप्तार घाट तक घाटों की श्रृंखला पर दीप प्रज्ज्वलित हुए. अयोध्या हमारे लिए आस्था की नगरी है, राजनीति का विषय नहीं. हम यहां राम भक्तों की भावनाओं का सम्मान करने और संतों के सानिध्य में प्रभु के चरणों में श्रद्धा व्यक्त करने आते हैं.
सवाल: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद को लेकर लोगों में नाराजगी है. क्या इसका असर बीजेपी पर पड़ेगा?
योगी आदित्यनाथ: जो लोग शुरुआत से अयोध्या का विरोध करते रहे हैं, वे आज भी इसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. राम जन्मभूमि आंदोलन 500 वर्षों तक चला. आजादी के बाद भी कई लोगों ने मंदिर निर्माण के रास्ते में बाधाएं खड़ी कीं. राम भक्तों पर गोलियां चलाई गईं और अयोध्या की परिक्रमा तक रोकी गई. चढ़ावे से जुड़ी घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित स्वायत्त संस्था है. इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है. शिकायत मिलने पर हमने ट्रस्ट से संपर्क किया और जांच आगे बढ़ाई. एसआईटी गठित हुई, सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी गई और जिन लोगों पर आरोप लगे, उनके खिलाफ कार्रवाई हुई. ट्रस्ट ने भी संबंधित लोगों को बाहर किया. कुछ लोगों के गलत कामों की सजा पूरी अयोध्या, संतों या राम भक्तों को नहीं दी जा सकती.
सवाल: अखिलेश यादव 12 दिसंबर को अयोध्या आने वाले हैं. क्या आप उनका स्वागत करेंगे?
योगी आदित्यनाथ: अयोध्या भगवान की नगरी है. यहां हर व्यक्ति आ सकता है, लेकिन पवित्र भाव से आना चाहिए. अगर समाजवादी पार्टी के मुखिया यहां आना चाहते हैं तो उन्हें अपने पुराने कृत्यों के लिए राम भक्तों और अयोध्या से माफी मांगनी चाहिए. पहले अयोध्या में बिजली, सफाई और सड़कों की हालत खराब थी. आज यहां धर्मपथ, श्रीराम पथ, भक्तिपथ और जन्मभूमि पथ हैं. पंचकोसी और 14 कोसी परिक्रमा के मार्ग विकसित हुए हैं. अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है. राम जन्मभूमि परिसर में महर्षि वाल्मीकि, तुलसीदास, विश्वामित्र, माता शबरी, निषादराज और जटायु को सम्मान दिया गया है. आज अयोध्या आस्था और आधुनिकता का संगम बन रही है.
सवाल: क्या आप 2027 का विधानसभा चुनाव अयोध्या से लड़ेंगे?
योगी आदित्यनाथ: मैं अयोध्या चुनाव लड़ने नहीं आया था. पिछली बार जिसने मुझे चुनौती दी थी, मैंने उसका जवाब दिया. वह पहले ही भाग खड़ा हुआ. अयोध्या मेरे लिए आस्था का विषय है. गोरक्षपीठ राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ी रही है. मेरे गुरु और दादा गुरु भी इस आंदोलन से जुड़े थे. मुझे अपनी विरासत को आगे बढ़ाने और अयोध्या के लिए काम करने का अवसर मिला है.
सवाल: दस साल की सरकार के बाद क्या एंटी इनकंबेंसी का सामना करना पड़ सकता है?
योगी आदित्यनाथ: उत्तर प्रदेश का कोई व्यक्ति सरकार या मुख्यमंत्री के खिलाफ नकारात्मक भाव नहीं रखता. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हम निष्काम भाव से विरासत और विकास की यात्रा पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की पहचान से निकालकर देश की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचाया है. हमारा लक्ष्य इसे देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है. एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयर कनेक्टिविटी और धार्मिक स्थलों का विकास हुआ है. काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और मां विंध्यवासिनी धाम में बदलाव दिख रहा है. प्रदेश में 4,500 से अधिक धर्मस्थलों के पुनरुद्धार का काम किया गया है.
सवाल: प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के वादे पर सरकार कितनी खरी उतरी है?
योगी आदित्यनाथ: समाजवादी पार्टी की चार सरकारों ने जितनी सरकारी नौकरियां दीं, उससे दोगुने से ज्यादा नौकरियां हमारी सरकार ने दी हैं. अब तक 9.5 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं. 32 हजार पुलिस कांस्टेबल और 42 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है. सबऑर्डिनेट सर्विस से जुड़ी करीब 25 हजार नियुक्तियों की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है. इनके अलावा लोक सेवा आयोग और शिक्षा आयोग के जरिए भी बड़े पैमाने पर भर्तियां हुई हैं.
सवाल: जापान और सिंगापुर की यात्राओं के बाद क्या उत्तर प्रदेश में जमीन पर निवेश आया है?
योगी आदित्यनाथ: 2017 से पहले समाजवादी पार्टी सरकार को निवेशक समिट दिल्ली में करना पड़ा था, क्योंकि निवेशक उत्तर प्रदेश आने को तैयार नहीं थे. हमारी सरकार को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इनमें से करीब 5 लाख करोड़ रुपये का ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुका है. निवेश के लिए सुरक्षा और अच्छी नीतियां जरूरी हैं. आज उत्तर प्रदेश माफिया, दंगा, कर्फ्यू और अराजकता से मुक्त है. सरकार ने 36 सेक्टोरल पॉलिसी बनाई हैं और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की है. ओडीओपी के जरिए पारंपरिक उत्पादों को पहचान मिली है. प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयां काम कर रही हैं और 79 उत्पादों को जीआई टैग मिला है. एयरपोर्ट की संख्या भी पहले के दो से बढ़कर 17 हो गई है.
सवाल: बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सवाल उठते हैं. क्या यह न्याय का सही तरीका है?
योगी आदित्यनाथ: यह न्याय का फॉर्मूला नहीं, बल्कि त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था है. इसका उद्देश्य गुंडों और माफिया को उनकी हैसियत का एहसास कराना है. जिन्होंने गरीबों, व्यापारियों या सार्वजनिक जमीन पर कब्जा किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है. पहले सत्ता में बैठे लोग ऐसे माफिया की पैरवी करते थे. अब ऐसा नहीं होगा.
सवाल: अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले को आप कितनी बड़ी चुनौती मानते हैं?
योगी आदित्यनाथ: उनका PDA परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है. वे नाम बदलकर जनता की आंखों में धूल झोंकना चाहते हैं. समाजवादी पार्टी की राजनीति परिवारवाद और जातिवाद पर आधारित है. बीजेपी विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए समाज के हर वर्ग का समर्थन हासिल करेगी.
सवाल: SIR को लेकर आपने दावा किया कि 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं. यह आंकड़ा कहां से आया?
योगी आदित्यनाथ: हमारे पास पंचायत चुनाव की मतदाता सूची और एसआईआर के बाद की मतदाता सूची दोनों हैं. पंचायत सूची में जिन लोगों के नाम हैं, वे निर्वाचन आयोग की सूची से गायब कैसे हुए, हमने यही सवाल उठाया है. करीब 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम नहीं हैं. इनमें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोग और 18-19 साल के युवा भी शामिल हैं. करीब 46 लाख मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाने चाहिए, लेकिन जो पात्र मतदाता हैं, उनके नाम भी सूची में होने चाहिए. विदेशी घुसपैठियों के नाम हटने चाहिए. हमने चुनाव आयोग को ज्ञापन देकर इन नामों को शामिल करने की मांग की है.
सवाल: एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों के बीच मतभेद की खबरें हैं. क्या गठबंधन में सब ठीक है?
योगी आदित्यनाथ: एनडीए अपने मूल्यों, मुद्दों और सिद्धांतों पर एकजुट है. हर सहयोगी दल की अपनी अपेक्षाएं हो सकती हैं, लेकिन कोई मतभेद नहीं है. हम राष्ट्रवाद, गरीब कल्याण, सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि के मुद्दों पर मिलकर चुनाव लड़ेंगे. चिराग पासवान भी हमारे सहयोगी हैं. चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने पर सीटों को लेकर चर्चा होगी.
सवाल: ओवैसी और उनके मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने के दावे का यूपी की राजनीति पर कितना असर होगा?
योगी आदित्यनाथ: ओवैसी के पास कोई ऐसा एजेंडा नहीं है जो भारत की एकता और सुरक्षा के पक्ष में हो. उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. ओवैसी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं. उन्हें भारत और भारतीयता से कोई लेना-देना नहीं है.
सवाल: जब सरकार की योजनाएं सभी के लिए हैं तो फिर आपका 80-20 का चुनावी समीकरण क्या है?
योगी आदित्यनाथ: प्रधानमंत्री मोदी ने सबका साथ, सबका विकास का मंत्र दिया है. योजनाओं का लाभ, विकास और सुरक्षा सबके लिए है. सरकार किसी का तुष्टिकरण नहीं करेगी. 80-20 का मतलब है कि 80 फीसदी लोग सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि के पक्ष में हैं. जो लोग दंगा, अराजकता और गुंडागर्दी चाहते हैं, वे हमारे विरोध में होंगे. मुझे विश्वास है कि 80 फीसदी मतदाता बीजेपी और एनडीए के साथ खड़े होंगे.
सवाल: क्या उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खाते में सीधे आर्थिक मदद देने वाली कोई योजना आने वाली है?
योगी आदित्यनाथ: महिलाओं को बीजेपी सरकार का समर्थन उनकी सुरक्षा और बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण मिला है. लेकिन उनका आर्थिक स्वावलंबन भी जरूरी है. मिशन शक्ति की थीम महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन है. महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक योजना जल्द शुरू की जाएगी. इससे करीब 3.60 करोड़ महिलाएं और उनके परिवार लाभान्वित होंगे.
सवाल: पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल और बुंदेलखंड के विकास में संतुलन कैसे बनाया गया है?
योगी आदित्यनाथ: हमने क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने के लिए नीतियां बनाई हैं. जिन इलाकों में विकास कम हुआ, वहां निवेश के लिए ज्यादा प्रोत्साहन, जमीन और बेहतर कनेक्टिविटी दी गई. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे इसी दिशा में काम कर रहे हैं. प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय और जीएसडीपी तीन गुना हुई है. महिला भागीदारी भी बढ़ी है. 2017 से पहले प्रदेश में 120 स्टार्टअप थे, आज करीब 25 हजार हैं.
सवाल: आपकी बहन का चाय की दुकान पर काम करने वाला वीडियो वायरल हुआ. इस पर क्या कहेंगे?
योगी आदित्यनाथ: मैं एक योगी हूं. उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता ही मेरा परिवार है. मेरी बहन किसी के सामने भीख नहीं मांगती. वह अपने पैरों पर खड़े होकर आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही है. यही सम्मानजनक जीवन है.
सवाल: राहुल गांधी के 40 लाख युवाओं के आंदोलन वाले बयान पर आपका क्या कहना है?
योगी आदित्यनाथ: यह नया भारत है. प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आतंकवाद और नक्सलवाद को कुचला गया है. भारत संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से समस्याओं का समाधान चाहता है, लेकिन देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को कीमत चुकानी होगी. युवाओं का भविष्य प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित है. राहुल गांधी को अपनी बात संसद में रखनी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में बहस का सबसे बड़ा मंच संसद है.
सवाल: 2027 के चुनाव के लिए आपका नया नारा क्या होगा?
योगी आदित्यनाथ: वही नारा रहेगा, 'बंटोगे तो कटोगे'.
सवाल: मथुरा-वृंदावन को लेकर सरकार की क्या योजना है?
योगी आदित्यनाथ: मथुरा-वृंदावन को सजाया-संवारा जा रहा है. आने वाले समय में वहां भी अयोध्या जैसा परिवर्तन देखने को मिलेगा. सारी चीजें पहले से सार्वजनिक नहीं की जातीं.
सवाल: वनटांगिया गांव में हर साल दीपावली मनाने की क्या वजह है?
योगी आदित्यनाथ: वनटांगिया समाज के लोग आजादी के बाद भी कई सुविधाओं से वंचित थे. हमारी सरकार ने उन्हें राजस्व गांव की मान्यता दी और मतदाता सूची में उनका नाम जुड़वाया. मैं मुख्यमंत्री बनने से पहले भी उनके बीच जाता था. अब दीपावली पर उनके साथ मिठाई बांटता हूं. हमारी सरकार ने उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं. यह मेरे लिए खुशी की बात है.
सवाल: 2027 के चुनाव में बीजेपी कितनी सीटें जीतेगी?
योगी आदित्यनाथ: हम 80-20 की लड़ाई लड़ रहे हैं. 80 फीसदी वोट बीजेपी और उसके गठबंधन को मिलेंगे, जबकि 20 फीसदी विपक्ष के साथ होंगे. यह समीकरण मतदाताओं के साथ-साथ सीटों में भी दिखाई देगा. हमारा लक्ष्य 350 से ज्यादा सीटें जीतना है.