उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी पार्टी की रणनीति और मीडिया प्रबंधन को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में पार्टी मुख्यालय पर प्रवक्ताओं और मीडिया सेल की एक अहम बैठक बुलाई गई, जिसमें बड़बोलेपन और बिना तैयारी के टीवी डिबेट में जाने वाले प्रवक्ताओं की जमकर क्लास ली गई.
पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने इस पूरी बैठक के एजेंडे को पहले ही साफ कर दिया था. बैठक से ठीक एक दिन पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक क्रिप्टिक लाइंस शेयर की थीं.
अखिलेश ने लिखा था, 'सब अपने तक ही, अपने ख्याल रखिए. जंग होने तक म्यान में ही तलवार रखिए. शामिल न हो अपने काफिले में मुखबिर, मिलके दुश्मन की चाल पर आंख रखिए.'
शाम होते-होते ये साफ हो गया कि ये नसीहत उन चुनिंदा प्रवक्ताओं के लिए थी जो पार्टी की तय 'रेड लाइन' को पार कर रहे थे और बिना किसी तैयारी के टेलीविजन डिबेट में पहुंच जा रहे थे.
वीडियो प्रेजेंटेशन के जरिए गिनाई गईं गलतियां
अंबेडकर नगर से सांसद लालजी वर्मा की पहल पर बुलाई गई इस विशेष बैठक में करीब आधा दर्जन प्रवक्ताओं की कार्यशैली पर खुलकर बात हुई. मीटिंग के दौरान बाकायदा एक प्रोफेशनल प्रेजेंटेशन चलाई गई, जिसमें स्क्रीन पर प्रवक्ताओं के पुराने वीडियो और टीवी डिबेट्स की क्लिप्स दिखाई गईं. एक पूर्व टीवी पत्रकार ने ये प्रेजेंटेशन दी और मीडिया को पेशेवर तरीके से संभालने के गुर सिखाए.
समीक्षा के दौरान बताया गया कि सिर्फ 10 सेकंड की एक गलत रील या बयान से पार्टी की छवि पर कितना बुरा असर पड़ता है. पार्टी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रवक्ता बिना पूरी तैयारी के किसी भी चर्चा में शामिल न हों.
धर्म, जाति और विदेश मामलों पर विशेष सतर्कता
बैठक में बताया गया कि धर्म और जाति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बोलने से पूरी तरह बचा जाना चाहिए. डिबेट में अक्सर धर्म और शास्त्रों पर अपनी बात रखने वाले एक प्रवक्ता का वीडियो भी वहां दिखाया गया, जिनकी बयानबाजी से पहले भी पार्टी असहज स्थिति में आ चुकी है. इसके अलावा, बिना पूरी जानकारी के विदेशी मामलों पर बेबाक टिप्पणियां करने वाले प्रवक्ताओं को भी कड़ी चेतावनी दी गई.
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है. पार्टी ये सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी अनाड़ी बयानबाजी संगठन को नुकसान न पहुंचाए और हर प्रवक्ता पूरी तैयारी के साथ जनता के सामने पार्टी का पक्ष रखे.