Sarvesh Kumar Shakya
SP
Kuldeep Gupta Alias Santu
BSP
Satya Prakash Rajput
JANADIP
Mohd Rashid
INC
Nota
NOTA
Bobby Urf Mukesh Singh
JDL
Shiv Pratap Singh
AAAP
Manoj Kumar Gupta
IND
Partibha Shakya
IND
Shyam Singh
SDU
Sharad Bhadauriya
IND
उत्तर प्रदेश की सियासत में लंबे समय तक सपा एम-वाई (मुस्लिम-यादव) समीकरण के सहारे चुनाव लड़ती रही है, लेकिन अब इस नैरेटिव को पूरी तरह से बदलकर बीजेपी ने यूपी में पीएम मोदी और सीएम योगी की जोड़ी के साथ अपने समीकरण बना लिए हैं. इस तरह बीजेपी के एम-वाई समीकरण का बीजेपी कैसे मुकाबला कर पाएगी?
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ प्रवास के दौरान पार्टी के बड़े नेताओं की एकजुटता का संदेश दिया. उन्होंने नेताओं को यह संदेश दे दिया कि पार्टी की लाइन पर ही चलना होगा.
लखनऊ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आयोजित एनडीए सहयोगियों की अहम बैठक में शामिल होने जा रहे सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सीट बंटवारे के सवाल पर उन्होंने अपनी ही शैली में तंज कसते हुए कहा कि राजनीति में लोग जब तोप का लाइसेंस मांगते हैं तो उन्हें कट्टे का लाइसेंस थमा दिया जाता है.
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी लखनऊ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्षों और एनडीए गठबंधन के घटक दलों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की. इस दौरान उन्होंने साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीतिक चर्चा की.
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दौरान हनुमान सेतु मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद एक प्रसिद्ध चाय स्टॉल पर पहुंचे, जहां उन्होंने लोगों से चर्चा की. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव में बीजेपी फिर से सत्ता में वापसी करेगी.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को विपक्ष की 'नेगेटिव राजनीति' से बचने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि भाजपा का फोकस विकास और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को हर मतदाता तक पहुंचाने पर होना चाहिए.
2027 यूपी चुनावों के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है. बीजेपी की नजरें OBC वोटबैंक पर टिकी हैं. वहीं PDA का 'कार्ड' लेकर अखिलेश यादव भी चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं. एक बार फिर जाति पर ही तमाम पार्टियां चुनावी मैदान में उतरी हैं. ऐसे में सवाल है कि बीजेपी के लिए मंडल-कमंडल का जोड़ ही क्या PDA का तोड़ है? देखें हल्ला बोल.
उत्तर प्रदेश की सियासत सपा और बीजेपी की बीच सिमटती जा रही है. इस दो ध्रवीय चुनावी लड़ाई को त्रिकोणीय बनने की कवायद शुरू हो गई है. असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी में सक्रिय होते ही दावा किया है कि यूपी का पूरा गेम बदलने जा रहा है. सवाल उठता है कि यूपी का चुनावी गेम ओवैसी बदल पाएंगे?
उत्तर प्रदेश की सियासत में राम मंदिर के चंदा चोरी का मामला बीजेपी के लिए सियासी टेंशन बनता जा रहा है. चंदा चोरी के मुद्दे को उठाते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी ने आस्था और श्रद्धा से खिलवाड़ किया है. उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कहा कि चंदा चोरी की और सच्चाई बाहर आएगी और जनता अब बीजेपी को हटाने का काम करेगी.
उत्तर प्रदेश की सियासत में लंबे समय तक दलित समुदाय कांग्रेस के साथ जुड़ा रहा है, लेकिन कांशीराम के द्वारा बसपा के गठन किए जाने के बाद से दलित दूर हुआ और कांग्रेस सियासी हाशिए पर पहुंच गई. कांग्रेस दलित वोटों को जोड़ने के लिए कई प्रयोग कर चुकी है और अब राजेंद्र पाल गौतम को प्रभारी बनाया है.