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'जिनकी कुर्सी छिनने वाली है, वही छोड़ते हैं ऐसी निशानी!', जेवर एयरपोर्ट का नाम पीएम मोदी के नाम पर रखने पर भड़के अखिलेश

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ करने को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश के लिए बड़ी सौगात बताया और प्रधानमंत्री का आभार जताया. अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जाने वाले लोग निशानी छोड़ना चाहते हैं और डबल इंजन सरकार के पास जनता के लिए अपना कोई काम नहीं है.

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जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर अखिलेश यादव ने तंज कसा है (Photo: PTI)
जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर अखिलेश यादव ने तंज कसा है (Photo: PTI)

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक के बाद यह जानकारी दी. इस फैसले पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसा है.

अखिलेश यादव ने कहा कि जाने वाले लोग केवल याद रखने के लिए अपना नाम रखना चाहते हैं और निशानी छोड़कर जाना चाहते हैं. उनके मुताबिक नाम इसलिए रखा जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री की कुर्सी छिनने वाली है. उन्होंने डबल इंजन सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उसके पास जनता के लिए अपना कोई काम नहीं है.

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताती है, क्योंकि प्रदेश को यह एयरपोर्ट मिला. उन्होंने इसे बड़ी सौगात बताया और कहा कि इससे उत्तर प्रदेश को विमानन क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी. उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन की भी सराहना की और कहा कि सरकार विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य के लिए काम करती रहेगी.

एयरपोर्ट की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने 25 नवंबर 2021 को रखी थी. उन्होंने 28 मार्च 2026 को पहले चरण का उद्घाटन किया और 15 जून से व्यावसायिक उड़ानें शुरू हुईं. यह दिल्ली-NCR का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है. इसे उत्तर प्रदेश सरकार और ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सार्वजनिक-निजी भागीदारी से विकसित किया जा रहा है. इसका मकसद क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और माल ढुलाई को बढ़ावा देना है. पूरी तरह तैयार होने पर इसे देश के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल करने की योजना है.

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यह भी पढ़ें: नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा जेवर हवाई अड्डे का नाम, योगी कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास

कैबिनेट बैठक के बाद योगी ने बुनियादी ढांचे और योजनाओं के आंकड़े भी रखे. उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्ग बने हैं. उन्होंने दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे, नमो भारत रैपिड रेल, मेट्रो विस्तार, डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और जेवर एयरपोर्ट का भी जिक्र किया.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से तीन करोड़ से ज्यादा किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक मिले, 86 लाख छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ हुआ और गन्ना किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान हुआ. 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास मिला और करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है. नल से जल, आयुष्मान कार्ड, मुफ्त LPG कनेक्शन और युवाओं को स्मार्टफोन-टैबलेट की योजनाएं भी गिनाईं. योगी के मुताबिक डबल इंजन सरकार में केंद्र और राज्य के तालमेल से विकास तेज हुआ है.

वहीं, अखिलेश देवरिया के बाद लखनऊ पहुंचे. जहां अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि इसे चुनौती नहीं, बल्कि राजनीतिक सलाह के तौर पर देखा जाना चाहिए.

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अखिलेश यादव ने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ को अयोध्या की जनता पर इतना भरोसा है, तो उन्हें वहां से चुनाव लड़ना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले शहर के रूप में विकसित किया जा सकता था. उन्होंने बीजेपी की डबल इंजन सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य और केंद्र, दोनों जगह बीजेपी की सरकार होने के बावजूद अयोध्या के लोगों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए था.

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