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'गुजरात पोर्ट से हमने ड्रग्स पकड़ी, लेकिन पुड़िया बनकर पंजाब कैसे आती है', CM मान पर अमित शाह का पलटवार

पंजाब में नशे के मुद्दे पर गृह मंत्री और मुख्यमंत्री भगवंत मान आमने-सामने हैं. शाह ने पंजाब में नशे की सप्लाई को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए, तो मान ने बीजेपी पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया. इसके बाद लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शाह ने मान के आरोपों का जवाब दिया.

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पंजाब में नशे पर अमित शाह ने भगवंत मान सरकार को घेरा. (Photo: PTI/ X-Social media)
पंजाब में नशे पर अमित शाह ने भगवंत मान सरकार को घेरा. (Photo: PTI/ X-Social media)

पंजाब में नशे के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को घेरा है. लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शाह ने सवाल उठाया कि गुजरात और मुंबई के बंदरगाहों पर 20 हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त किए जा चुके हैं, फिर पंजाब में नशे की पुड़िया कैसे पहुंच रही है? उन्होंने इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण होने का आरोप लगाया. इससे पहले मान ने गुजरात के कांडला बंदरगाह पर 3,000 किलो ड्रग्स पकड़े जाने का मुद्दा उठाकर बीजेपी पर नशे के मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया था. वहीं, शाह ने लुधियाना में दशहरे के अवसर पर रावण भी दहन किया.

दरअसल, अमित शाह पंजाब दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने गुरदासपुर में विक्रमजीत सिंह, संगरूर जिले के दिड़बा इलाके में गुलजार सिंह और मानसा में परविंदर झोटा के परिवारों से मुलाकात की. इन मुलाकातों के बाद शाह ने पंजाब में नशे के कारोबार और इसे रोकने के लिए राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि परिवारों की आपबीती सुनकर उन्हें बहुत दुख हुआ. किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने भाई तो किसी ने पति. शाह ने सवाल किया कि इन परिवारों को भगवंत मान सरकार क्या जवाब देगी.

Union Home Minister Amit Shah meets the family members of late Vikramjit Singh
अमित शाह ने पंजाब के गुरदासपुर में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले दिवंगत विक्रमजीत सिंह के परिजनों से मुलाकात की. (Photo: PTI)

शाह के इन आरोपों पर भगवंत मान ने पलटवार किया. मान ने बीजेपी पर नशे के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने राजस्थान में नशे की समस्या का जिक्र करते हुए हरियाणा को गैंगस्टरों की नर्सरी बताया. गुजरात के कांडला बंदरगाह पर 3,000 किलो ड्रग्स पकड़े जाने का सवाल उठाकर मान ने केंद्र सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए. इसके बाद लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शाह ने मान के बयानों का जवाब दिया.

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मान ने क्या कहा?

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि बीजेपी पंजाब सरकार को बदनाम करने के लिए नशे के मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने अकाली-बीजेपी सरकार के कार्यकाल में पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ने का मुद्दा भी उठाया. मान ने सवाल किया कि उस समय पंजाब को नशे से बचाने की चिंता क्यों नहीं की गई. उन्होंने गृह मंत्री से यह भी पूछा कि वह पहले पीड़ित परिवारों से मिलने क्यों नहीं आए. शहीद किसानों के परिवारों से मुलाकात नहीं करने को लेकर भी मान ने शाह पर निशाना साधा. 

इसके अलावा, सीएम मान ने पाकिस्तान से पंजाब में नशा आने का मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा पर ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने में केंद्र सरकार ने पंजाब की मदद नहीं की. गुजरात के कांडला बंदरगाह पर ड्रग्स पकड़े जाने का जिक्र करते हुए मान ने सवाल किया कि गैंगस्टरों को संरक्षण कौन दे रहा है.

शाह ने पूछा, पंजाब में नशे की पुड़िया कैसे पहुंच रही है?

इसके बाद लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने कहा कि गुजरात और मुंबई के बंदरगाहों पर अब तक 20 हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त किए जा चुके हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब वहां ड्रग्स पकड़े जा रहे हैं, तो पंजाब में नशे की पुड़िया कैसे पहुंच रही है. शाह ने दावा किया कि राजनीतिक संरक्षण के बिना ऐसा कारोबार चलना संभव नहीं है.

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इस दौरान, गृहमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने तीन महीने में पंजाब से नशा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन राज्य में नशे का कारोबार अब भी जारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग सुरक्षित नहीं हैं. शाह ने पंजाब में पुलिसकर्मियों के ड्रग्स के साथ पकड़े जाने का भी जिक्र किया. उन्होंने सवाल किया कि नशे के कारोबार में राज्य के कितने अधिकारी और दूसरे लोग शामिल हैं.

शाह ने अपने बयान में कहा कि देशभर में पीआईटी (नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी रोकने से जुड़ा कानून) और एनडीपीएस (स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम) कानून के तहत 929 लोगों को पकड़ा गया है, जबकि पंजाब में इस कानून के तहत एक भी व्यक्ति को नहीं पकड़ा गया. उन्होंने पंजाब सरकार पर नशे के खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया.

शाह ने दो और मामलों की सीबीआई जांच की मांग की

शाह ने कहा कि परविंदर झोटा के मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा चुकी है. उन्होंने मांग की कि गुरदासपुर में विक्रमजीत सिंह और संगरूर में गुलजार सिंह से जुड़े मामलों की जांच भी सीबीआई को सौंपी जाए. शाह ने कहा कि इन दोनों मामलों को सीबीआई को ट्रांसफर कराने के लिए उनकी पार्टी कोर्ट जाने की योजना बना रही है.

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गुलजार सिंह की 7 सितंबर को जहर खाने से मौत हो गई थी. उनके परिवार का आरोप है कि नशे की सप्लाई पर सवाल उठाने के बाद उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं. वहीं, मानसा में 13 अक्टूबर को एक मेडिकल स्टोर पर गोली लगने से परविंदर झोटा की मौत हो गई थी. उन्होंने मेडिकल स्टोर से नशा खरीदने वाले एक व्यक्ति को लेकर दुकानदार अश्वनी कुमार से सवाल किया था. विवाद बढ़ने पर गोली चली. पुलिस ने बाद में मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर लिया.

इसके बाद उन्होंने लुधियाना में दशहरे के अवसर पर रावण दहन किया.

इस तरह, शाह ने लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब में नशे की सप्लाई और राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए. वहीं, मान ने गुजरात में ड्रग्स पकड़े जाने का मुद्दा उठाकर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल किया.
 

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