केरल में विधानसभा चुनावों से पहले राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बीच शुरू हुआ विकास का विवाद अब व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच गया है. दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर जमकर बहस चल रही है. अब रेवंत रेड्डी ने एक पत्र लिखकर केरल के विकास मॉडल पर सवाल उठाए हैं.
दरअसल रेवंत रेड्डी ने केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को चुनौती दी थी कि वो तेलंगाना आकर देखें कि उनकी सरकार ने चुनावी वादों को कैसे पूरा किया है. इसके जवाब में पिनाराई विजयन ने भी बताया था कि केरल में कौन-कौन सी योजनाएं बेहतर ढंग से काम कर रही हैं.
अब रेवंत रेड्डी ने इस जवाब पर पलटवार किया है और एक पत्र लिखा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए इस पत्र में उन्होंने पिनाराई विजयन की तरफ से जारी किए दए केरल के आंकड़ों को पुराना बताया है.
पिनाराई विजयन को रेवंत रेड्डी की खुली चुनौती
रेवंत रेड्डी ने अपने पत्र में लिखा कि पिनाराई विजयन 120 महीनों से सत्ता में हैं, जबकि तेलंगाना की सरकार ने सिर्फ 28 महीनों में बड़े बदलाव किए हैं. उन्होंने केरल में 'ब्रेन ड्रेन; जैसे गंभीर आरोप भी लगाए थे. रेवंत रेड्डी ने पिनाराई विजयन को 7 अप्रैल को तिरुवनंतपुरम आने और खुली चर्चा करने का न्योता भी दिया .
फिल्मी डायलॉग के जरिए हमला
रेवंत रेड्डी ने पत्र के आखिर में मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की फिल्म 'आराम्पम' का एक मशहूर डायलॉग कोट किया. उन्होंने लिखा, 'नी पो, मोने विजयन!' इसका मतलब है- 'जाओ बेटे विजयन.' वहीं पिनाराई विजयन ने भी रेवंत रेड्डी के अंदाज में ही जवाब देते हुए कहा, 'डैश मोने रेवंत, जवाब आ रहा है.' बता दें कि 'डैश मोने' का इस्तेमाल बोलचाल की भाषा में गाली या अपशब्द के रूप में किया जाता है.
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पिनाराई विजयन ने कई पोस्ट किए, इनमें से एक में उन्होंने लिखा, 'राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से अपमानजनक टिप्पणियों के जरिए अपनी असहमति जाहिर करना एक ऐसा रवैया है जो मुझे मंजूर नहीं. एलडीएफ सरकार की अपने लोगों के प्रति जवाबदेही लगातार है, न कि सिर्फ पांच-पांच साल के अंतराल पर. हमारी प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से मौजूद हैं. आपकी बातों में सच की कमी है.'