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केरल विधानसभा चुनाव 2026

केरल विधानसभा चुनाव 2026

केरल विधानसभा चुनाव 2026

केरल विधानससभा चुनाव 2026 के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा 15 मार्च को हुई. चुनाव आयोग ने यहां 1 चरण में मतदान करवाने का फैसला किया है. मतदान 9 अप्रैल 2026 को होगा जबकि वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी (Kerala Assembly Election 2026). 

चुनाव का त्योहार, जो हमारे लोकतंत्र का गर्व है, अब असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने जा रहा है. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कुल मिलाकर लगभग 17.4 करोड़ मतदाता हैं और यहां 824 विधानसभा क्षेत्र हैं. चुनाव के लिए करीब 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे और पूरे चुनाव को संपन्न कराने के लिए लगभग 25 लाख चुनाव कर्मी तैनात किए जाएंगे.

इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल भी जल्द समाप्त होने वाला है. असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को, केरल का 23 मई को, पुडुचेरी का 15 जून को, तमिलनाडु का 10 मई को और पश्चिम बंगाल का 7 मई को समाप्त हो रहा है. इसलिए इन सभी जगहों पर समय पर नई सरकार चुनने के लिए विधानसभा चुनाव आयोजित किए जाएंगे.

बात करें केरल की तो यहां राजनीति पारंपरिक रूप से दो मुख्य गठबंधनों के बीच घूमती रही है- 

लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF)- जिसका नेतृत्व CPI(M) करती है. वर्तमान में यह सत्ता में है. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में LDF ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में कई योजनाएं लागू की हैं. हालांकि सरकार को आर्थिक चुनौतियों और कुछ घोटालों को लेकर आलोचना भी झेलनी पड़ी है.

यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) - कांग्रेस के नेतृत्व वाला यह गठबंधन हर बार एक मजबूत विकल्प के रूप में सामने आता है. 2026 के लिए कांग्रेस और सहयोगी दल राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) - हालांकि केरल में अब तक BJP को बड़ी सफलता नहीं मिली है, परंतु पार्टी राज्य में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए आक्रामक प्रचार में जुटी है. केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को राज्य में प्रचारित किया जा रहा है.
 

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