रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) तेलंगाना (Telangana) से एक राजनीतिज्ञ हैं. वह कांग्रेस (Congress) के सदस्य और प्रदेश अध्यक्ष हैं. 2023 तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत दिलाने का श्रेय इनको दिया जा रहा है. कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के चेहरों में फिलहाल सबसे बड़ा नाम रेवंत रेड्डी का है.
रेवंत रेड्डी का जन्म 8 नवंबर 1967 को अविभाजित आंध्र प्रदेश में नगरकुर्नूल के कोंडारेड्डी पल्ली में हुआ था. रेवंत के पिता का नाम अनुमुला नरसिम्हा रेड्डी और मां का नाम अनुमुला रामचंद्रम्मा है. उन्होंने हैदराबाद में एवी कॉलेज (ओस्मानिया विश्विद्यालय) से फाइन आर्ट्स में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की. इसके बाद रेवंत ने एक प्रिंटिंग प्रेस की शुरुआत की.
7 मई 1992 को रेवंत ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री जयपाल रेड्डी की भतीजी अनुमुला गीता से शादी कर ली. रेवंत और गीता की एक बेटी है, जिसका नाम न्यामिषा है (Revanth Reddy Family).
शादी के बाद कांग्रेस सांसद रेवंत के सियासी सफर का आगाज हुआ. छात्र जीवन के दौरान वह आरएसएस के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े हुए थे. उन्होंने 2006 में बतौर निर्दलीय प्रत्याशी स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ा और मिडजिल मंडल से जिला परिषद क्षेत्रीय समिति के सदस्य चुने गए.
रेवंत 2007 में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) में शामिल हो गए. 2009 में रेवंत ने टीडीपी के टिकट पर अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा और 6,989 वोटों से जीत दर्ज की. कोडंगल सीट से चुनावी मैदान में उतरे रेवंत कांग्रेस के पांच बार के विधायक गुरुनाथ रेड्डी को हराकर पहली बार विधायक बने थे. 2017 में टीडीपी ने उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया ,जब पता चला कि वह कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं. 31 अक्टूबर 2017 को रेवंत कांग्रेस के सदस्य बन गए. 2018 के तेलंगाना विधानसभा में रेवंत तीसरी बार कोडंगल सीट से चुनावी मैदान में उतरे. लेकिन इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा (Revanth Reddy Career).
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बावजूद कई युवा छोटे काम करने के लिए तैयार नहीं हैं और न ही नए कौशल सीखने को इच्छुक हैं. उन्होंने इसे “क्रिमिनल वेस्ट” यानी प्रतिभा और संसाधनों की गंभीर बर्बादी बताया.
रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल करने के लिए संविधान में संशोधन करने की मांग की. उन्होंने शनिवार को घोषणा की थी कि तेलंगाना सरकार अगस्त के पहले हफ्ते में विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुलाएगी.
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार कहा कि राज्य सरकार जल्द ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी. इस सत्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र सीमा को 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने के लिए केंद्र सरकार से सिफारिश करने वाला एक विशेष प्रस्ताव पारित किया जाए.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया है कि चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान बीआरएस और बीजेपी उनके गृह क्षेत्र कोडांगल को निशाना बनाकर उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की साजिश रच रही हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से अलर्ट रहने की अपील की है.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी द्वारा भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेताओं के खिलाफ सिंचाई संकट को लेकर दिए गए एक विवादित बयान से राज्य में राजनीतिक युद्ध शुरू हो गया है. विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर किसानों की चिंता दूर करने के बजाय भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है.
भीषण गर्मी, गिरते भूजल स्तर और कमजोर मानसून ने हैदराबाद को गंभीर जल संकट की ओर धकेल दिया है. कई इलाकों में नलों का पानी दिनों तक नहीं पहुंच रहा, जबकि टैंकरों की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है. हालात ऐसे हैं कि लोगों को पानी राशन की तरह इस्तेमाल करना पड़ रहा है और विपक्ष सरकार को घेरने में जुट गया है.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य की अतिक्रमण विरोधी टास्क फोर्स HYDRAA का नाम हिटलर की टीम से प्रेरित है. इस बयान के बाद BJP ने उन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस और रेवंत रेड्डी पर तानाशाही मानसिकता का आरोप लगाया.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का HYDRAA को लेकर दिया गया बयान सियासी विवाद का केंद्र बन गया है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य की अतिक्रमण रोधी एजेंसी के नाम और अवधारणा की प्रेरणा उन्हें एडोल्फ हिटलर से मिली थी. इस टिप्पणी के बाद बीजेपी और बीआरएस ने कांग्रेस पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर फसल खरीद में भेदभाव का आरोप लगाया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र ने राज्य से धान और अन्य फसलें नहीं खरीदीं, तो 15 जून के बाद वो केंद्र के खिलाफ जंग का ऐलान करेंगे. उन्होंने केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी को फसलों की खरीद की जिम्मेदारी लेने को कहा.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का साल 2034 तक 'मिशन दिल्ली' का खुला ऐलान भारतीय राजनीति में एक बेहद साहसिक और बड़ा दांव माना जा रहा है. अपनी इस दूरगामी महत्वाकांक्षा को सार्वजनिक कर उन्होंने न सिर्फ विपक्ष को बैकफुट पर धकेला है, बल्कि कांग्रेस आलाकमान को भी अपनी ताकत का सीधा एहसास कराया है.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उनका दावा है कि ईंधन की महंगाई से रोजमर्रा की चीजें की कीमतें बढ़ेंगी और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा. रेवंत ने केंद्र से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगले आम चुनाव में राहुल गांधी INDIA ब्लॉक के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे पर दर्ज पॉक्सो मामले और राज्य के विकास एजेंडे पर खुलकर बात की.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी से तेलंगाना के विकास के लिए बड़ा दिल दिखाने की अपील की. उन्होंने गुजरात मॉडल का भी जिक्र किया और तेलंगाना की लंबित परियोजनाओं के लिए दो घंटे की विशेष बैठक करने की अपील भी की.
पीएम मोदी आज तेलंगाना के दौरे पर थे और एक कार्यक्रम के दौरान वहां मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी मौजूद थे. रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना में विकास का मुद्दा उठाया और इशारों-इशारों में पीएम मोदी से केंद्र से मिलने वाली सहायता की बात की. इसका जवाब पीएम मोेदी ने अपने संबोधन में अपने अंदाज में दिया जिससे वहां हंसी की लहर दौड़ गई. देखें वीडियो.
रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना कैबिनेट ने फैसला किया है कि मंत्री सरकारी कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित सेवानिवृत्ति बकाया के भुगतान के लिए संसाधन जुटाने में मदद करने के लिए अपने वेतन में स्वेच्छा से 50% की कटौती करेंगे.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एक बयान को लेकर राजनीति गरमा गई है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना रामायण के पात्र मारीच से की, जिस पर BJP ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
डिलिमिटेशन और महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत लगातार गरम हो रही है. इस बीच तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी और केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से मुलाकात की. उन्होंने दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों को 'शक्तिहीन' करने वाले केंद्र के कथित अलोकतांत्रिक परिसीमन मॉडल के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के लिए प्रियंका के नेतृत्व की तारीफ की.
केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण को नए परिसीमन से जोड़ने के फैसले ने देश में उत्तर-दक्षिण विवाद को हवा दे दी है. तमिलनाडु और तेलंगाना समेत दक्षिण के राज्यों ने इसे अपनी राजनीतिक शक्ति कम करने की साजिश बताया है. स्टालिन ने काला झंडा फहराने और रेवंत रेड्डी ने आर्थिक योगदान के आधार पर सीटों के बंटवारे की मांग की है.
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बीच विकास मॉडल को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं. रेवंत रेड्डी ने केरल के आंकड़ों को पुराना बताया, जबकि पिनाराई विजयन ने व्यक्तिगत अपमान की निंदा की.
तेलंगाना सरकार बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल न करने वाले सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 10-15 प्रतिशत कटौती करने का प्रस्ताव रखने जा रही है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बजट सत्र में इस विधेयक को पेश करने की घोषणा की है.