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'कांग्रेस के भीतर BJP के आदमी हैं रेवंत रेड्डी', निकाय चुनाव से पहले जमकर बरसे केटीआर

नगर निकाय चुनाव से पहले बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें कांग्रेस के भीतर बीजेपी का 'ट्रोजन हॉर्स' बताया. उन्होंने अल्पसंख्यक मतदाताओं से कांग्रेस का 'मुखौटा' हटाकर सच्चाई देखने की अपील की. उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत सरकार का एकमात्र एजेंडा केसीआर को कोसना है और वह वादे पूरे करने में नाकाम रही है.

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केटीआर ने रेवंत को कांग्रेस का मुखौटा पहनने वाला बीजेपी समर्थक बताया. (File Photo: ITG)
केटीआर ने रेवंत को कांग्रेस का मुखौटा पहनने वाला बीजेपी समर्थक बताया. (File Photo: ITG)

नगर निकाय चुनावों से पहले तेज हुए सियासी माहौल के बीच भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (केटीआर) ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला बोला. शनिवार को जुक्कल, बांसवाड़ा और येल्लारेड्डी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित रोड शो में केटीआर ने रेवंत रेड्डी को कांग्रेस के भीतर बीजेपी का 'ट्रोजन हॉर्स' बताया. उन्होंने खास तौर पर अल्पसंख्यक मतदाताओं से अपील की कि वे 'कांग्रेस का मुखौटा हटाकर अंदर छिपी भगवा पहचान' को देखें. केटीआर ने कहा, 'रेवंत दिल से कभी कांग्रेसी नहीं रहे. वे पूरी तरह बीजेपी के आदमी हैं. वे दिल्ली के ‘बड़े भाई’ के छोटे भाई की तरह हैं.'

'केसीआर को कोसना ही रेवंत सरकार का एजेंडा'

मुख्यमंत्री की भाषा पर तंज कसते हुए केटीआर ने उन्हें 'लागुला थोंडाला रेड्डी' कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शासन के बजाय अभद्र भाषा का सहारा ले रहे हैं. केटीआर ने कहा कि जब भी विपक्ष '420 अधूरे वादों' का हिसाब मांगता है, तो मुख्यमंत्री 'आंखों से कंचे खेलने' जैसी धमकियां देते हैं. उन्होंने कहा, 'दो साल से उनकी सरकार का एक ही एजेंडा है, केसीआर को कोसना. वे केसीआर का नाम उतनी बार लेते हैं, जितनी बार कोई भक्त ‘राम कोटि’ लिखता है. विडंबना यह है कि केसीआर उन्हें कोई अहमियत नहीं देते, और इसी वजह से वे हमेशा हताश रहते हैं.'

पोचाराम श्रीनिवास रेड्डी पर भी साधा निशाना

केटीआर ने हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पोचाराम श्रीनिवास रेड्डी पर भी निशाना साधा. उन्होंने सभा में पुराने वीडियो क्लिप चलाए, जिनमें रेवंत रेड्डी पोचाराम को 'बैल' और उनके बेटों को रेत तस्करी में शामिल 'भैंस' बता रहे थे. केटीआर ने कहा, 'पोचाराम ने कभी भगवान वेंकटेश्वर की शपथ लेकर केसीआर के प्रति जीवनभर वफादारी का वादा किया था. आज रेवंत की मेज से कुछ टुकड़ों के लिए उन्होंने अपनी आत्मा बेच दी. अगर उनमें जरा भी स्वाभिमान बचा है, तो उन्हें इस्तीफा देकर जनता से दोबारा जनादेश लेना चाहिए. नहीं तो रेवंत की ही पुरानी सलाह मानकर गले में पत्थर बांधकर कुएं में कूद जाना चाहिए.'

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'यह सिर्फ धोखे की सरकार है'

केटीआर ने कांग्रेस सरकार की तुलना कुख्यात डांडू पालयम और स्टुअर्टपुरम गिरोहों से करते हुए आरोप लगाया कि अब 'लूटो और भागो' मॉडल नगर निकाय स्तर तक पहुंच गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जुक्कल के स्थानीय विधायक कारोबारियों से वसूली कर कांग्रेस की 'कैश फॉर वोट' रणनीति के लिए पैसा इकट्ठा कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, 'उन्होंने 4,000 रुपये पेंशन, महिलाओं को 2,500 रुपये और सोना देने का वादा किया था. वह सब कहां है. यह धोखे की सरकार है.' केटीआर ने लोगों से अपील की कि वे नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ मतदान कर जवाब दें और राज्य के विकास के लिए बीआरएस का साथ दें.

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