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गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों को लेकर पंजाब में आम आदमी पार्टी क्यों घिर गई है?

पंजाब के फिरोजपुर में चर्चित गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है. 2016 के नाभा जेलब्रेक कांड के मास्टरमाइंड रहे सेखों के आप में शामिल होने पर विपक्षी दलों ने निशाना साधते हुए राज्य में गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.

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गुरप्रीत सिंह सेखों ने आम आदमी पार्टी का थाम दामन (Photo-X)
गुरप्रीत सिंह सेखों ने आम आदमी पार्टी का थाम दामन (Photo-X)

पंजाब की सियासत और जुर्म की दुनिया में 'गुरप्रीत सिंह सेखों' एक चर्चित नाम रहा है. कभी पंजाब के सबसे कुख्यात गैंगस्टरों में शुमार रहने वाला गुरप्रीत सेखों अब आम आदमी पार्टी की सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति में कदम रख चुका है, जिसके बाद सियासत गर्मा गई है. सेखों के आम आदमी पार्टी में शामिल होते ही विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है.

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को फिरोजपुर के जीरा में एक जनसभा के दौरान गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों को पार्टी में शामिल कराया. गुरप्रीत सेखों का नाम 2016 के चर्चित नाभा जेल से फरारी मामले में भी सामने आया था. आम आदमी पार्टी के इस फैसले पर दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने भी सवाल उठाए हैं.

गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह सेखों ने पहले 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव जीरा से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ने की योजना बनाई थी और हाल ही में वहां एक ऑफिस भी खोला था. अब उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है. सीएम भगवंत मान ने कहा कि किसी व्यक्ति को सिर्फ उसके अतीत से नहीं आंका जाना चाहिए, क्योंकि हालात लोगों को गलत रास्ते पर धकेल सकते हैं.

गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों की AAP में एंट्री

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फिरोजपुर जिले के जीरा क्षेत्र में अपने राजनीतिक जनाधार को मजबूत करने के बाद गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह सेखों ने रविवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया, जिससे वह 2027 के चुनाव परिदृश्य में एक चर्चित चेहरा बन गया है. भगवंत मान ने गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों का बचाव करते हुए कहा कि किसी के अतीत से उसका वर्तमान तय नहीं किया जा सकता.

गुरप्रीत सेखों ने दावा किया कि उन्होंने खुद को सुधार लिया है, उनके खिलाफ मामले निपटा दिए गए हैं और वे समाज सेवा (जैसे गरीब परिवारों की शादियों में मदद, बाढ़ राहत और स्थानीय बुनियादी ढांचे में सहयोग) में लगे हुए हैं. वह पहले शिरोमणि अकाली दल (SAD) में थे, लेकिन अब अपने समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं और जीरा विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं.

जानिए कौन है गुरप्रीत सिंह सेखों

गुरप्रीत सिंह सेखों पंजाब के फिरोजपुर जिले के मुदकी/बजीदपुर इलाके का रहने वाला है. अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले सेखों पंजाब के एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखता था. उसके पास खुद का मैरिज पैलेस और ईंट-भट्ठे का कारोबार था. करीब एक दशक लंबे अपने आपराधिक करियर के दौरान गुरप्रीत सिंह सेखों पर हत्या, डकैती और पुलिस पर हमले जैसी संगीन धाराओं के तहत 47 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हुए.

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सेखों पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर शेरा खुब्बन और विक्की गौंडर गिरोह का मुख्य सदस्य रहा. साल 2015 में जब गैंगस्टर सुखा काहलवां की पुलिस हिरासत में सरेआम गोली मारकर हत्या की गई थी, तब उस चर्चित हत्याकांड में भी सेखों का नाम मुख्य आरोपियों के रूप में सामने आया था.

नाभा जेलब्रेक का मास्टरमाइंड सेखों

नाभा जेलब्रेक का मास्टरमाइंड भी सेखों ही रहा. 27 नवंबर 2016 को पंजाब की हाई-सिक्योरिटी नाभा जेल पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस हमलावरों ने हमला कर दिया था. जेल ब्रेक की इस वारदात में गुरप्रीत सेखों, विक्की गौंडर और दो आतंकवादियों समेत 6 कैदी फरार हो गए थे.

पुलिस जांच में सेखों को इस जेलब्रेक कांड का मुख्य रणनीतिकार और मास्टरमाइंड माना गया था, फरवरी 2017 में पंजाब पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस टीम ने मोगा जिले के ढूडीके गांव से गुरप्रीत सेखों को उसके तीन साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया था. नाभा जेलब्रेक मामले में उसे 10 साल की सजा सुनाई गई थी,

करीब सात साल जेल में बिताने और विभिन्न मामलों में बरी होने या जमानत मिलने के बाद वह नवंबर 2023 में जमानत पर बाहर आया, इसके बाद वह सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हुआ, फिर अकाली दल के साथ काम किया और अब चुनावी तपिश के बीच आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है. जेल से बाहर आने के बाद गुरप्रीत सिंह सेखों ने दावा किया कि उसने अपराध का रास्ता पूरी तरह छोड़ दिया है.

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AAP पर गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप

गैंगस्टर रहे गुरप्रीत सिंह सेखों के आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद विपक्ष ने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं. विपक्ष ने इसे राज्य में कानून-व्यवस्था की चिंताओं के बीच गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने वाला कदम बताया. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इसे एक खतरनाक मिसाल बताया जो गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देती है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अपराधी लोगों को डराते-धमकाते हैं, अपराध या जबरन वसूली करते हैं और फिर अपने अतीत पर पर्दा डालने के लिए राजनीति में आ जाते हैं. उन्होंने दोहरे मापदंडों की ओर इशारा करते हुए कहा कि मान ने पहले दूसरों द्वारा (जैसे तरनतारन में अकाली दल) इसी तरह के लोगों को पार्टी में शामिल करने की आलोचना की थी. वडिंग ने इसे व्यापारियों द्वारा झेली जा रही पुलिस की ज्यादतियों और जबरन वसूली की धमकियों जैसी बड़ी शिकायतों से भी जोड़ा.

शिरोमणि अकाली दल ने कहा कि अगर यह गैंगस्टरों के प्रति AAP की नीति को दर्शाता है, तो इससे पंजाब में कानून-व्यवस्था की असली हालत का पता चलता है. उन्होंने सरकार के गैंगस्टर-विरोधी अभियान का मजाक उड़ाते हुए कहा कि यह लड़ाई के बजाय गैंगस्टरों से प्यार जैसा लगता है. मारे गए गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह का कहना है कि 2027 के पंजाब चुनाव हिंसक होंगे और AAP पार्टी से कम से कम 15 दागदार लोग चुनाव लड़ेंगे.

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उन्होंने कहा कि पंजाब में एक नया ट्रेंड सेट किया जा रहा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले दो-चार हत्याएं करो, फिर दो-चार पॉडकास्ट कर दो, फिर चुनाव लड़ो और सीधे विधानसभा पहुंचो. उन्होंने कहा कि अब पंजाब की जनता को तय करना है कि वह अपराध करने वालों को विधानसभा भेजना चाहती है या उन ईमानदार और समझदार लोगों को जो सदन में जनता के अधिकारों की आवाज उठाएं.

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