बिहार में नदियों के उफान और 13 ज़िलों में बाढ़ के कारण लगभग 27 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को वैशाली और भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों के लिए चल रही कम्युनिटी किचन का निरीक्षण किया और अधिकारियों को तुरंत राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. एक एजेंसी के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित विभिन्न ज़िलों में 190 कम्युनिटी किचन चल रहे हैं, जबकि राहत और बचाव कार्यों के लिए 1,429 नावें लगाई गई हैं.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनके डिप्टी विजय कुमार चौधरी ने वैशाली और भागलपुर में कम्युनिटी किचन का निरीक्षण किया और स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नदी के तटबंधों की लगातार निगरानी करें और संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नज़र रखें. पटना में गांधी घाट और हाथीदह पर गंगा नदी के जलस्तर के उच्चतम बाढ़ स्तर तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने नदी के निचले इलाकों में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है.
सितंबर में अब तक सामान्य से अधिक हुई बारिश
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और बिहार के 13 ज़िलों में बाढ़ आ गई है, जिससे 27 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. सितंबर में अब तक राज्य में 69.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 55 प्रतिशत अधिक है. उन्होंने कहा कि इंजीनियरों को संसाधन और मशीनरी तैयार रखने के लिए कहा गया है, जबकि बाढ़ संभावित इलाकों के लोगों को नदियों के पास न जाने की सलाह दी गई है.
पटना के गांधी घाट पर सोमवार सुबह 6 बजे गंगा नदी 50.41 मीटर के स्तर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 1.57 मीटर ऊपर है. अधिकारियों ने बताया कि गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर में, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक खगड़िया में, गंगा नदी हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर में, बागमती नदी बेनीबाद में और घाघरा नदी दरौली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.